सोना खरीदने वालों और बेचने वालों के लिए ये ख़बर जानना है बेहद जरूरी

नई दिल्ली: अगर आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है. आज से गोल्ड हॉलमार्किंग (GOLD Hallmarking) को अनिवार्य कर दिया गया है, सभी ज्वैलर्स के लिए यह अनिवार्य है कि वह सिर्फ बीआईएस प्रमाणित गहने बेचें।

आइए आपको इस नियम के बारे में डिटेल में बताते हैं कि यह क्या नियम है और इसका आम जनता पर किस तरह से असर पड़ेगा.

गोल्‍ड हॉलमार्किंग क्या है ? 

आपको बता दें केंद्र सरकार ने कहा कि गोल्ड हॉलमार्किंग के तहत देश के सभी सोना व्यापारी सोने के गहने या कलाकृति बेचने के लिए बीआईएस स्‍टैंडर्ड के मानकों को पूरा करें जो भी व्यापारी इन मानकों को पूरा नहीं करेगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जेल का है प्रावधान

अगर कोई भी सरकार की ओर से जारी किए गए नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर बीआईएस एक्‍ट, 2016 के सेक्‍शन 29 के तहत एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

हॉलमार्किंग कितने कैरेट गोल्ड की होगी ?

आपको बता दें 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट शुद्धता वाले सोने की हॉलमार्किंग की जाएगी.

घर में रखे सोने का क्या होगा?

हॉलमार्किंग का यह नियम सोने के गहने बेचने वाले ज्‍वेलर्स के लिए लागू किया जाएगा. ग्राहक अपनी ज्‍वेलरी बिना हॉलमार्क के ही बेच सकते हैं.

क्या होगा इस नियम का फायदा?

सरकार के इस कदम से सोने की शुद्धता का प्रमाण आसानी से दिया जा सकेगा. इसका प्रमाण होने से हैण्‍डक्राफ्ट गोल्‍ड मार्केट को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही ज्‍वेलरी इंडस्‍ट्री का भी विस्तार होगा. 


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