कैंसर के मरीजों को आपने देखा होगा, तो एक बात गौर की होगी कि उनके बाल काट दिए जाते हैं। अक्सर कैंसर के मरीज को एक जानलेवा दर्द से गुजरना पड़ता है।
कुछ दिनों पहले बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने अपनी एक फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी, जिसमें उनके सिर पर एक भी बाल नहीं था।
अब ऐसे में अक्सर यह सवाल मन में आता है कि आखिर कैंसर मरीजों के बाल क्यों झड़ जाते हैं या काट दिए जाते हैं।
क्यों काट दिए जाते हैं कैंसर के मरीजों के बाल :
● दवाइयों का असर : कैंसर मरीज को कई दवाइयों का सेवन करना पड़ता है। दर्द से राहत के लिए उसे कई तरह के इंजेक्शन लगाए जाते हैं और दवाइयां दी जाती हैं। इन दवाइयों का मरीज के शरीर पर साइड इफेक्ट होता है, जिसका सबसे ज्यादा असर बालों पर पड़ता है और बाल झड़ जाते हैं।
● कीमोथैरेपी : कैंसर के मरीज को ठीक करने के लिए डॉक्टर कीमोथैरेपी के जरिए कैंसर सेल को नष्ट करते हैं। इस थैरेपी में जिस रसायन का उपयोग किया जाता है, उससे बाल झड़ जाते हैं। इसके साथ ही मरीज को इंफेक्शन से बचाने के लिए भी बाल काट दिए जाते हैं।
● स्कैल्प कूलिंग : बाल झड़ने की समस्या कम करने के लिए कुछ प्रकार के कीमोथेरेपी उपचारों हेतु स्कैल्प कूलिंग का प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें बाल पूरी तरह से काट दिए जाते हैं।
