बच्चों में दिखने वाले मेंटल डिसऑर्डर के लक्षण -
● बच्चों में लंबे समय तक चलने वाली उदासी या चिड़चिड़ापन हो सकता है।
● बच्चे की सोच काफी उलझी हुई हो सकती है।
● बच्चे का मूड एकदम काफी उत्सुक और एकदम काफी गंभीर हो सकता है।
● बच्चों में किसी भी चीज या बात को लेकर डर, चिंता या परेशानी का स्तर काफी अधिक हो सकता है।
● ऐसे बच्चे समाज या भीड़ के बीच जाना छोड़ देते हैं।
● बच्चों के खाने और सोने की आदत में अचानक परिवर्तन आने लगता है।
● मनोरोग से ग्रसित बच्चा अत्यधिक गुस्सा करने लगता है।
● मनोविकृतियों की वजह से बच्चे को किसी ऐसी चीज को महसूस या उसे देखने या उसे सुनने का आभास होता है, जो कि असल में नहीं है।
● मनोरोग के शिकार बच्चों में आत्महत्या करने के विचार आ सकते हैं।
● रोज की गतिविधियों या समस्याओं का सामना करने की क्षमता में कमी होने लगती है।
● दिमागी विकारों से ग्रसित बच्चों को कई ऐसी शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं, जिनके बारे में वो किसी को समझा नहीं सकते।
● मनोरोग होने की वजह से बच्चों को नशा करने की आदत पड़ सकती है।
किशोर या वयस्कों में दिखने वाले मनोरोग के लक्षण
● मनोरोग की वजह से किशोरों की स्कूल और वयस्कों की ऑफिस में परफॉर्मेंस में गिरावट आ सकती है।
● मानसिक विकारों की वजह से किशोरों या वयस्कों में भी खाने और सोने की आदत में कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।
● आम और दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में दिक्कत हो सकती है।
● दौनो में शारीरिक समस्याओं की शिकायत हो सकती है।
● स्कूल या ऑफिस की जगह पर नुकसान या तोड़फोड़ कर सकते हैं।
● अचानक वजन के बढ़ने या घटने का डर हो सकता है।
● मनोरोग से ग्रसित व्यक्तियों को आत्महत्या करने के खतरनाक विचार भी आ सकते हैं।
● मानसिक समस्या का सामना करने वाले लोगों के गुस्से का स्तर काफी बढ़ जाता है।
● ये लोग परिवार वालों से दूर और अकेले रहने लगते हैं।
● ऐसे लोगों का व्यवहार लंबे समय तक नकारात्मक रह सकता है और आमतौर पर उनकी भूख कम हो सकती है।
● शराब या ड्रग्स का सेवन करने की लत पड़ सकती है।
● खतरनाक और डराने वाले सपने में भी आ सकते हैं।
● मनोरोग की वजह से किशोरों या वयस्कों को हायपरएक्टिविटी की शिकायत भी हो सकती है।
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