अन्ना हजारे (सामाजिक कार्यकर्ता)
* अन्ना हजारे एक समाज सेवक है जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन देशहित और समाजहित में लगा दिया
* अन्ना हजारे का जन्म 15 जून 1938 को महाराष्ट्र के भिंगर कस्बे में हुआ था
* अन्ना हजारे के पिता एक मजदूर थे
* अन्ना हजारे के माता पिता अन्ना का नाम किसन बाबू रखा था
* अन्ना का पूरा नाम किसन बाबूराव हजारे था
* माँ उन्हें कभी नानू , कभी मुन्ना तो कभी किसनू कहकर अपना प्यार उडेला करती थी
* अन्ना हजारे के दादा सेना में थे और वह अहमदनगर में तैनात थे
* अन्ना अपने छह भाइयों में सबसे बड़े थे
* गरीबी देख बुआ ने बालक किसन को अपने साथ मुंबई ले गई जहां सातवीं तक पढ़ाई की
* आर्थिक तंगी के कारण बालक किसन ने दादर स्टेशन पर फूल बेचने की नौकरी कर ली
* किशन ने शीघ्र ही अपने दो भाइयों को भी इसी कार्य में लगा दिया
* भाग दौड़ के बाद अन्ना को सेना में नौकरी मिल गई वह बतौर ड्राइवर काम करने लगे
* पंजाब में बतौर सेना में ड्राईवर का काम करते हुए अन्ना ने अनुशाषित होकर अपनी ड्यूटी निभाई
* कहा जाता है कि इस समय फ़ौजी ड्राईवर अन्ना ने कई बार मौत को करीब आते देखा
* नौकरी के दौरान अन्ना ने एक बार दिल्ली रेलवे स्टेशन से स्वामी विवेकानंद की एक किताब खरीदी जिससे वह बहुत प्रभावित हुए
* गांधी और विनोबा भावे की जीवनी पढ़कर अन्ना ने ठान लिया वह अपना जीवन समाज को समर्पित करेंगे
* समाज में व्याप्त कुरीतियों ,गरीबी और भुखमरी ,समाज में प्रति युवाओं के दायित्व ,तीन महापुरुषों के जीवन से प्रात शिक्षाओं को अपने जीवनकाल में धारण करते हुए अन्ना ने कभी भी विवाह नही करने का निश्चय किया
* मुंबई में पोस्टिंग होने पर अन्ना अपनों के करीब आए
* जम्मू में तैनाती पर अन्ना ने VRS लेकर सेवानिवृत्ती ले ली और अपने गांव पहुंच गए
* अन्ना ने थोड़े ही समय में अपने गांव की तस्वीर बदल कर रख दी अपनी जमीन भी स्कूल को दे दी
* अन्ना हजारे मन्दिर में रहते थे और वही से गाँव के विकास का कम चलाते थे
* उन का भोजन होस्टल से आता था | जो भोजन बच्चे करते है वही अन्ना भी करते है
* गाँव में शराब तथा अन्य नशे का बिलकुल भी प्रयोग नही किया जाता
* गाँव में इतना विकास हो चूका है कि गाँव किसी भी सुविधा से वंचित नही | इसका श्रेय केवल अन्ना जी को जाता है
* अन्ना का कहना है कि जब जन लोकपाल बिल पारित हो जाएगा तो भ्रष्टाचार को खत्म करना सम्भव हो
* हजारे ने अपने दल बल के साथ देश में रामराज लाने की इच्छा से जन्तर मन्तर से अपना अभियान शुरू किया
* उनका ये आन्दोलन धीरे धीरे देशव्यापी स्वरूप लेने लगा और पुरे देश में एक ही गूंज थी “अन्ना तुम संघर्ष करो ,हम तुम्हारे साथ है“| अन्ना के नाम की टोपिया बनने लगी जिस पर लिखा होता था “मै अन्ना हु“
* अन्ना ने कई आंदोलनों में कई दिनों तक अनशन किया था जिसके कारण वो देश की महान हस्ती बन गये
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