हल्दी और नमक का पानी:
हल्दी नमक का पानी ना सिर्फ गले की खराश को दूर करता है बल्कि सेहत को भी बेहतर बनाता है। हल्दी में इंफ्लैमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो पेट साफ करते हैं। हल्दी नमक का पानी इस्तेमाल करके आप खांसी और गले की खराश को बॉय-बॉय बोल सकते हैं।
पुदीने का पानी:
पुदीने में पाया जाने वाला मेन्थॉल न सिर्फ गले को आराम पहुंचाता है, बल्कि बंद नाक को खोलने में भी मदद करता है। इसकी एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज बैक्टीरिया को कम करती है। इस पानी को बनाने के लिए एक कप उबलते हुए पानी में दो से तीन पेपरमिंट टी बैग्स डालें या फिर पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल करें। अब इसे ठंडा होने दें और फिर इस गुनगुने पानी से गरारे करें।
अदरक का पानी:
अगर किसी व्यक्ति को गले में खराश के साथ−साथ सूजन भी है तो उसे अदरक के पानी से गरारे करने चाहिए। अदरक में मौजूद एंटी−इंफलेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करने के साथ−साथ इंफेक्शन को दूर करके गले को आराम देते हैं। इसे बनाने के लिए पानी में अदरक उबालें और जब वह पानी गुनगुना रह जाए तो उससे गरारे करें।
नमक का पानी:
नमक के पानी से गरारे करने का तरीका बेहद पुराना है। नमक में पाए जाने वाले एंटीसेप्टिक और एंटी−बैक्टीरियल गुण गले की खराश को दूर करने के साथ−साथ गले को काफी आराम पहुंचाते है। इसके इस्तेमाल के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में नमक मिलाएं और फिर उस पानी से गरारे करें।
सेब का सिरका और गर्म पानी
सेब का सिरका सिर्फ खाने में ही इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि इसका इस्तेमाल गले की खराश को दूर करने के लिए भी किया जाता है। सेब के सिरके में एंटी−बैक्टीरियल गुण जाते हैं जो बैक्टीरिया को दूर करके गले को आराम पहुंचाते हैं। आधा गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और दिन में दो बार गरारे करें। आपको काफी आराम महसूस होगा।