◆ जरूर करें नाश्ता
सुबह का नाश्ता न सिर्फ आपको दिनभर एनर्जेटिक रखता है बल्कि इससे आप दिल की बीमारियों से भी बचे रहते हैं। साथ ही इससे मोटापा भी कंट्रोल होता है जो दिल की बीमारियों की सबसे बड़ी वजह है।
◆ रोजाना 30 मिनट व्यायाम
शोध के अनुसार, जो लोग रोजाना व्यायाम करते हैं उनमें दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम और योग जरूर करें। साथ ही फिजिकल एक्टिविटी भी ज्यादा करें।
◆ संतुलित आहार लें
अपनी डाइट में ताजे फल और सब्जियां, अनाज, नट्स, डेयरी उत्पाद और पत्तेदार साग जैसी हैल्दी चीजें लें। इससे शरीर को सभी जरूरी पोषण तत्व मिलेंगे। जब खाने की क्रेविंग हो तो फल, दूध या होममेड जूस पीएं।
◆ भरपूर पानी पीएं
पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है , जिससे सिर्फ कार्डियोवस्कुलर ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों का भी खतरा कम होता है।
◆ पूरी नींद लें
नींद पूरी न होने से बीपी बढ़ने की समस्या भी हो सकती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इससे थकान के साथ चिड़चिड़ाहट भी महसूस होने लगता है और बात-बात पर गुस्सा आने लगता है। कम से कम 6 घंटे और ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे की नींद जरूर लें, जितनी गहरी नींद सोएंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे।
◆ गैजेट्स का कम इस्तेमाल
लोग अपना ज्यादा से ज्यादा समय फोन,लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल करते हुए बीता देते हैं लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे सिर्फ आंखे व मानसिक ही नहीं बल्कि दिल की बीमारियों का खतरा भी रहता है। लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल करें।
◆ सकारात्मक रहें
शोध के मुताबिक, नकारात्मक सोच वाले लोगों के मुकाबले सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों में हृदय रोग की संभावना 9% कम होती है। इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रोल और तनाव होने के मामले कम होते हैं।
◆ शुगर को नियंत्रित रखें
डायबिटीज के मरीजों में धमनियों में रक्त का थक्का बनने की आशंका ज्यादा होती है। इसलिए अगर आप भी डायबिटिक पेशेंट हैं तो अपनी शुगर कंट्रोल में रखें। अपनी दवाइयां और डाइट को सही समय पर लें।
◆ कोलेस्ट्रॉल को करें कंट्रोल
कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए सिर्फ दवाइयां ही नहीं बल्कि हैल्दी डाइट का सेवन भी करें।
मोटापे के कारण नस ब्लॉकेज की समस्या हो सकती है, जोकि हार्ट अटैक का कारण बनता है। इसलिए अपनी उम्र और लंबाई के हिसाब से वजन कंट्रोल करें।
◆ धूम्रपान और शराब से बनाएं दूरी
हार्ट अटैक का एक कारण धूम्रपान भी है। जिन्हें पहले भी हार्ट अटैक पड़ चुका हैं उन्के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है।
◆ नियमित शारिरिक जाँच करवाते रहें
हर 6 महीने में एक बार दिल की जांच जरूर करवाएं, ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके। अगर बीमारी का समय रहते पता हो तो उसका इलाज किया जा सकता है।