प्रदेश की सबसे बड़ी गणेश गौशाला में मनाया गया जन्माष्टमी पर्व...गौवंश को तिलक लगाया, मिठाई एवं ग्रोग्रास खिलाकर बांधी राखी


खंडवा (शेख़ आदिल) पौराणिक ग्रंथों के मतानुसार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। अत: भाद्रपद मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यदि रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग हो तो वह और भी भाग्यशाली माना जाता है। इसे जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।



जन्माष्टमी के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके व्रत को व्रतराज कहा जाता है। मान्यता है कि इस एक दिन व्रत रखने से कई व्रतों का फल मिल जाता है। अगर भक्त पालने में भगवान को झुला दें, तो उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आत्मिक सुख जगाने का, आध्यात्मिक बल जगाने का पर्व है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष शहर में जन्माष्टमी का पर्व शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मनाया जा रहा है। जिसके चलते जहां मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई। वहीं प्रदेश की सबसे बड़ी खंडवा की गणेश गौशाला में जन्माष्टमी पर्व पर समिति के सदस्य एवं गौभक्तो द्वारा जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिसमें उपस्थित जन द्वारा भगवान श्री कृष्ण का पूजन कर गौशाला के समस्त गौवंश को तिलक लगाकर मिठाई एवं हरी घास का ग्रोग्रास खिलाकर राखी बांधी गई। श्री जैन ने बताया कि प्रदेश की सबसे बड़ी गणेश गौशाला में पर्व विशेष के साथ ही वर्ष भर धार्मिक आयोजनों के साथ ही सामाजिक आयोजन का क्रम लगातार जारी रहता है। यहां मानव सेवा के साथ ही गौमाता की सेवा एवं पक्षी सेवा का अनूठा उदाहरण देखने को मिलता है। श्री जैन ने बताया कि गाय, भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है, इसका कारण यह है कि गौ पृथ्वी का प्रतीक है, गौ माता में सभी देवी-देवता विद्धमान रहते है,सभी वेद भी गौओं में प्रतिष्ठित है। गाय से प्राप्त सभी घटकों में जैसे दूध,घी,गोबर अथवा गौमूत्र में सभी देवताओं के तत्व संग्रहित रहते हैं। गाय सब कार्यों में उदार तथा समस्त गुणों की खान है। गाय का मूत्र, गोबर, दूध, दही और घी, इन्हें पंचगव्य कहते हैं। मान्यता है कि इनका सेवन कर लेने से शरीर के भीतर पाप नहीं ठहरता। जो गौ की एक बार प्रदक्षिणा करके उसे प्रणाम करता है। वह सब पापों से मुक्त होकर अक्षय स्वर्ग का सुख भोगता है। जन्माष्टमी के पर्व पर समिति सदस्यों द्वारा गौमाता का पूजन अर्चन कर पुण्य लाभ लिया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश मित्तल, सचिव रामचंद्र मौर्य, भाजपा जिला अध्यक्ष सेवादास पटेल, भूपेंद्र सिंह चौहान, लोकेंद्र सिंह, रामगोपाल शर्मा, सुनील जैन,राकेश बंसल, राजेन्द्र अग्रवाल, चंद्रशेखर मिश्रा, ओमप्रकाश दशोरे, धन्ना गुप्ता, दयानंद पांडे, गौतम पटेल, आशीष चटकेले, पंकज अग्रवाल, महेंद्र सिंह तंवर, राकेश मालवीय, सहित बड़ी संख्या में नगर जन एवं गौभक्त उपस्थित थे।


Post a Comment

Previous Post Next Post