बुरहानपुर । माँ ताप्ती जन्मोत्सव के पावन अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा राजघाट पर भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माँ ताप्ती को 351 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर श्रद्धा एवं आस्था का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन के साथ हुआ। पंडित आशीष शुक्ला एवं तपन पाठक द्वारा माँ ताप्ती का दुग्धाभिषेक, विधि-विधान से पूजन एवं भव्य महाआरती संपन्न कराई गई। महाआरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में प्रकाश नायक एवं कन्हैया नायक ने पारंपरिक शहनाई वादन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर माँ ताप्ती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि स्कंद पुराण के तापी माहात्म्य के अनुसार माँ ताप्ती सूर्यपुत्री, पाप एवं ताप का नाश करने वाली तथा पृथ्वी की अत्यंत प्राचीन नदियों में से एक हैं। गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से पूर्व अस्तित्व में होने के कारण उन्हें "आदि गंगा" के नाम से भी जाना जाता है। उनका उद्गम मध्यप्रदेश के मुलताई स्थित पवित्र सरोवर एवं सातपुड़ा पर्वत क्षेत्र से माना जाता है। पुराणों में भगवान शिव द्वारा भी माँ ताप्ती की महिमा का वर्णन करते हुए उन्हें पापों का नाश करने वाली महान नदी बताया गया है।
कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए माँ ताप्ती की स्वच्छता, संरक्षण एवं जन-जागरूकता का संकल्प लेने का आह्वान किया। सचिव धर्मेंद्र सोनी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अशोक अग्रवाल, रामधारी मित्तल, कमलजी लाड़, सतीश बिरला, समाजसेवी ओम आजाद, समर्थ चिटनीस, कविता चौहान, प्रेमलता सांकले, विजय राठौर, विवेक हाकिम, राम अग्रवाल, नंदकुमार वाणे, पुनित सांकले, राजेश भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन माँ ताप्ती के जयघोष, महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने माँ ताप्ती की स्वच्छता, संरक्षण एवं अविरल-निर्मल प्रवाह बनाए रखने का संकल्प लिया
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