बुरहानपुर। बुरहानपुर में आयोजित “उद्यमी संवाद” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा चुका है और अब उद्योगपतियों के सहयोग से इस “केनवास” में विकास, निवेश और नवाचार के रंग भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसे धरातल पर उतारकर रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर को “प्रदेश के विकास का द्वार” बताते हुए कहा कि यह जिला अपनी ऐतिहासिक विरासत, भौगोलिक स्थिति और उद्यमशील समाज के कारण औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां के लोगों में परिश्रम, कौशल और व्यापारिक समझ की मजबूत परंपरा है, जो इसे उद्योग और कृषिकृदोनों क्षेत्रों में अग्रणी बना सकती है।
उन्होंने घोषणा की कि बुरहानपुर के सुखपुरी क्षेत्र को एक विकसित इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र रेहटा में नवीन मार्ग निर्माण कर उद्योगों की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन की समस्याएं कम होंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़ क्षेत्र में शीघ्र ही इन्वेस्टर समिट आयोजित की जाएगी, जो इस पूरे क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार 24 बाय 7 उद्योगों के विकास के लिए कार्य कर रही है और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ना उसका मुख्य लक्ष्य है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ का गठन जिला स्तर तक किया जाएगा, जिससे व्यापारियों और उद्यमियों को नीतिगत समर्थन और सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों के मार्ग में बाधा बनने वाले पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर नए, सरल और उद्योग मित्र नियम बनाए गए हैं। तुअर दाल पर टैक्स समाप्त करना और अन्य क्षेत्रों में सुधारात्मक निर्णय इसी सोच का हिस्सा हैं। आगे कपास जैसे क्षेत्रों में भी उद्योग हित में निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व में एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। जनधन योजना जैसे प्रयासों से हर व्यक्ति का हक सीधे उसके खाते में पहुंचा है, जिससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और गति आई है। इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में बिचौलियों को समाप्त कर सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बुरहानपुर की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि एमएसएमई क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की हैकृवर्ष 2022-23 में 436 करोड़ रुपए का निवेश बढ़कर वर्तमान में लगभग 802 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह वृद्धि यहां के उद्यमियों की क्षमता और सरकार की नीतियों पर उनके विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।
*बुरहानपुर को मिल रही औद्योगिक नई गति, टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में मजबूत कदम-अर्चना चिटनिस*
कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) कहा कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज निवेश के लिए देश का एक भरोसेमंद और आकर्षक केंद्र बन चुका है। ‘उद्योग वर्ष’, ‘जनविश्वास अधिनियम’ और ‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बिरिप)’ में ‘टॉप अचीवर’ की उपलब्धि इस दिशा में प्रदेश की मजबूत प्रगति को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के माध्यम से 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना और उनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपए का धरातल पर उतरना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि वास्तविक विकास में परिवर्तित हो रहा है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर टेक्सटाइल और कृषि आधारित उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त क्षेत्र है। ‘पीएम मित्र’ प्रोजेक्ट के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है और यदि औद्योगिक कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाए, तो बुरहानपुर राष्ट्रीय स्तर का टेक्सटाइल हब बन सकता है। उन्होंने बुरहानपुर को मिली महत्वपूर्ण औद्योगिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि फेयरडील टेक्सटाइल्स क्लस्टर, निंबोला-रईपुरा के विकास के लिए कुल 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 3 करोड़ 44 लाख 26 हजार रुपए की प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। यह क्लस्टर क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं के विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र रेहटा-खड़कोद टेक्सटाइल क्लस्टर के लिए पहुंच मार्ग निर्माण की स्वीकृति को भी उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया। इससे उद्योगों तक पहुंच आसान होगी, लागत में कमी आएगी और उत्पादन व विपणन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि बहादरपुर सूत मिल के 720 कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर हजारों परिवारों को राहत प्रदान की गई है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि निमाड़ रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की मांग भी उनके द्वारा ही रखी गई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र को एक सशक्त औद्योगिक मंच प्रदान करना है। अब “उद्यमी संवाद” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह पहल धरातल पर साकार हो रही है और उद्योगपतियों को सीधे शासन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर में एक से बढ़कर चार औद्योगिक केंद्र विकसित होना इस बात का प्रमाण है कि जिला तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी के मार्गदर्शन और भगवान महाकाल के आशीर्वाद से बुरहानपुर न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान स्थापित करेगा। संवाद के दौरान उद्योगपतियों ने 20 एचपी सिलिंग हटाकर 150 एचपी करने, सोलार प्लांट स्थापना के नियमों में संशोधन करने सहित अन्य मांगे रखी। जिस पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने अतिशीघ्र निराकरण के लिए अश्वस्त किया।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, नेपागर विधायक श्रीमती मंजू दादू, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, उपाध्यक्ष गजानन महाजन, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल सहित समस्त जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित रहे।
Tags
बुरहानपुर समाचार
