पेट्रोल एवं एथेनॉल की अलग-अलग बिक्री की मांग को लेकर ताप्ती सेवा समिति ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन



बुरहानपुर। ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के माननीय प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से कलेक्टर प्रतिनिधि एवं डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार को सौंपा गया।

ज्ञापन में समिति ने कहा कि वर्तमान में देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार द्वारा इसके पीछे विदेशी तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्य बताए गए हैं, जिनका समिति सम्मान करती है। किन्तु बड़ी संख्या में ऐसे पुराने दोपहिया, चारपहिया एवं कृषि वाहन आज भी उपयोग में हैं जो अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए पूर्णतः अनुकूल नहीं हैं। इससे वाहन स्वामियों के बीच इंजन की कार्यक्षमता, माइलेज तथा रखरखाव को लेकर चिंताएँ सामने आ रही हैं।

समिति ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि पेट्रोल एवं एथेनॉल की अलग-अलग बिक्री सुनिश्चित की जाए, प्रत्येक पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल एवं एथेनॉल दोनों उपलब्ध कराए जाएँ तथा उपभोक्ताओं को अपने वाहन निर्माता के निर्देश, वाहन की क्षमता एवं आवश्यकता के अनुसार उचित अनुपात में ईंधन का मिश्रण चुनने का विकल्प दिया जाए। साथ ही विभिन्न एथेनॉल मिश्रण (E10, E20, E30 आदि) स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराए जाएँ, प्रत्येक पेट्रोल पंप पर उपयुक्त ईंधन संबंधी जानकारी प्रदर्शित की जाए तथा पुराने वाहनों पर एथेनॉल मिश्रित ईंधन के दीर्घकालिक प्रभावों का स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

समिति का कहना है कि उपभोक्ताओं को विकल्प उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं उपभोक्ता अधिकारों की भावना के अनुरूप है। जिस प्रकार विभिन्न ऑक्टेन रेटिंग का पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता है, उसी प्रकार पेट्रोल एवं एथेनॉल के अलग-अलग विकल्प भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक अपनी आवश्यकता एवं वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चयन कर सके।

इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत, कविता चौहान, सचिव धर्मेंद्र सोनी, उपाध्यक्ष अत्ताउल्लाह खान, मार्गदर्शक मंसूर सेवक, विनय पुनीवाला, डॉ. युसूफ खान, नंदकिशोर वाणे, राजेश भगत सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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