बुरहानपुर/20 फरवरी, 2025/- कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने जिले के समस्त स्कूल संचालकों की बैठक लेकर निर्देशित किया कि, जिले के सभी स्कूल संचालक बसों के संचालन, प्रबंधन व परिवहन नियम के पालन के संबंध में प्रतिमाह जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
बस परिवहन के नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाये।
यह निर्देश कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने स्कूल संचालकों को दिये। गुरूवार को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले के समस्त निजी स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य जिले में स्कूल बस परिवहन सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित सावधानीपूर्वक से संचालित हो सकें। कलेक्टर ने गत दिवस हुई घटना के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि, इस हेतु जिम्मेदार के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री सिंह ने संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि, नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि, बच्चों एवं टीचर पेरेन्टस मीटिंग में फीडबेक अवश्य लें।
कलेक्टर श्री सिंह ने अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को परिवहन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से बसों की आकस्मिक जांच करने की बात भी कही। उन्होंने निर्देशित किया कि, स्कूल संचालकों द्वारा नियुक्त ट्रांसपोर्ट मैनेजरों की प्रतिमाह बैठक अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि, सभी स्कूली बसों में जीपीएस एवं सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में रहें, साथ ही निर्धारित मानक के अनुसार गति नियंत्रक यंत्र होना आवश्यक है।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि, परिवहन नियम अनुसार स्कूल बस में अग्निशमन यंत्र की सुविधा हो, स्कूल बस में स्कूल का नाम एवं दूरभाष क्रमांक अंकित रहें, प्रवेश एवं निर्गम हेतु पृथक-पृथक दो दरवाजे रहें। जिन स्कूलों में छात्रायें होती है, वहां पर एक शिक्षित परिचारिका हो तथा स्कूल बस में शिक्षित-प्रशिक्षित परिचालक होना अनिवार्य है इत्यादि सभी नियमों का पालन किया जाये।
निर्देशानुसार स्कूल बस के चालक के पास कम से कम पाँच वर्ष पुराना भारी वाहन चलाने का अनुभव हो। स्कूल संचालकों द्वारा एक ट्रांसपोर्टर मैनेजर की नियुक्ति होना चाहिए जो बच्चों की सुरक्षा हेतु उत्तरदायी रहे। स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।
- स्कूल बस के अग्र एवं पृष्ठ भाग पर “स्कूल बस” लिखा होना चाहिए, यदि अनुबंधित बस हो तो उक्त बस पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिए।
- स्कूल बस में प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है। स्कूल बस में निर्धारित मानक के अनुसार गति नियंत्रक यंत्र (एसएलडी) होना आवश्यक है।
- स्कूल बस में खिडकियों पर (हॉरिजॉन्टल) ग्रिल होना अनिवार्य है। दरवाजों पर लगे ताले ठीक स्थिति में हो।
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