तापी सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा का बुरहानपुर प्रवेश , ताप्ती सेवा समिति ने किया स्वागत

बुरहानपुर - बीते 51दिनों से त्याग तपस्या समर्पण और आस्था की ध्वजा लेकर गत 2 जनवरी को मुलताई तापी उद्गम स्थल से प्रारंभ हुई मां तापी सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा लगातार प्रतिदिन लगभग 30 किमी चलते हुए 1450 किमी का सफर तय कर पुनः 51 दिनों में गुजरात प्रदेश और महाराष्ट्र प्रदेश की ताप्ती परिक्रमा कर पदयात्री मध्यप्रदेश की सीमा में शुक्रवार सुबह साढ़े 10बजे प्रवेश कर बुरहानपुर पहुंची।

यह जानकारी देते हुए परिक्रमा पदयात्रा संयोजक संजय ( राजू )पाटनकर ने बताया कि 
गुरुवार को पदयात्रा गुजरात महाराष्ट्र प्रदेश की जीवन रेखा कहलाने वाली मां ताप्ती नदी की परिक्रमा पदयात्रा समुद्र संगम नाव से पार करके दोनो प्रदेशों के उत्तर और दक्षिण तक से होते हुए 51 दिनों में 1450 किमी की पदयात्रा करके बुरहानपुर पहुंची है जिसका प्रथम पड़ाव गायत्री शक्ति पीठ शिकारपुरा थाना के समीप हुआ जहां श्रीमती सरिता राजेश भगत बलराज नवानी एव ओमी शर्मा जी सहित अन्य कई बुरहानपुर वासी ताप्ती भक्तों ने सत्कार कर भोजन प्रसादी करवाई , दोपहर विश्राम के पश्चात बुरहानपुर नगर के रास्तों से होकर शाम को रोकड़िया हनुमान मंदिर पहुंचे जहां से शनिवार सुबह 7 बजे पदयात्रा उदगम स्थल मुल्ताई के लिए नेपानगर दैय्यत सेंधवाल गुलाई दामजी पूरा देवलघाट के रास्ते के मध्य प्रदेश के तीन जिले बुरहानपुर खंडवा ओर बैतूल से होकर 5 मार्च को मां तापी के उद्गम स्थल पर शाम को पहुंचकर यात्रा को महाआरती और महा प्रसादी करके विराम दिया जाएगा । राजू पाटनकर ने बताया कि मां ताप्ती की धार्मिक महिमा सभी नदियों से अधिक है वही साहित्यक महत्व भी अपरम्पार है मां ताप्ती जी के पुत्र कुरू महाराज धर्म सम्राट कहलाए उन्हीं के नाम से कुरुक्षेत्र धर्म क्षेत्र विख्यात है उन्हीं के कुल वंश में कौरव पांडव हुए उनके पड़ पितामह महाराजा शांतनु से गंगा मैया का विवाह हुआ जिनके पुत्र भीष्म पितामह हुए 
आगे चलकर कौरव पांडव महायुद्ध हुआ जिसमें भगवान श्री कृष्ण की वाणी गीता सार कहलाई , इसी वंश में राजा परीक्षित हुए जिनके कल्याण के लिए श्रीमद भागवत जन सामान्य को सुलभ हुई वही सनातन संस्कृति के इतिहास के दो ग्रन्थ रामायण और महाभारत में से एक ग्रन्थ महाभारत सहित तीन ग्रन्थ सनातनी समाज को मां ताप्ती जी के कुल से ही प्राप्त हुए हैं । मां ताप्ती जी के तटों पर भी कई ऐसी चीजें है जो मानव सहित विज्ञान के लिए भी आश्चर्यजनक है जो ताप्ती जी की परिक्रमा यात्रा करके ही देखी जानी जा सकती हैं । जागो जागो रास्ते में पुष्प से वर्षा चाय पानी से स्वागत किया ।
इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति के सदस्य मोहन दलाल संजय चौधरी पुनीत सकले विजय राठौड़ अत्ताउल्लाह खान पाल साहब प्रहलाद चौधरी अजय राठौर उपस्थित थे।

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