श्रीक्षेत्र पोहरादेवी बंजारा समुदाय की काशी में भारत देश के अलग अलग प्रान्तों से समाजजन हुवे एकत्रित , बुरहानपुर के युवा पत्रकार नवीन आड़े को मिला 'प्रेरणा पुरस्कार 2025': बंजारा समाज का गौरव सम्मान समारोह

बुरहानपुर - बंजारा समाज की काशी कहे जाने वाले पवित्र तीर्थ स्थल मां पोहरा देवी की धरा पर राष्ट्र संत डॉ. रामराव महाराज फेडरेशन द्वारा 'प्रेरणा पुरस्कार 2025' समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में 11 राज्यों से समाजसेवा और समाजोत्थान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बंजारा समाज के युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। धर्मगुरू तपस्वी संत डॉ. रामराव महाराज बंजारा समाज विकास फेडरेशन भारत की ओर से प्रतिवर्ष अनुसार गोर विचारवान , डॉक्टर, प्राध्यापक, इंजिनीयर, साहित्यिक, लेखक, कवी और विविध क्षेत्र मे विशेष सेवा करने वाले सभी वर्ग के लिये कि चतुर्थ वर्षगाठ के उपलक्ष मे धर्मगुरू तपस्वी संत डॉक्टर रामराव महाराज राष्ट्रीय गोरबंजारा रत्न पुरस्कार एवं प्रेरणा पुरस्कार देने का आयोजन किया गया था 
बंजारा समाज के सबसे बड़े आस्था के केंद्र पोहरादेवी शक्तिपीठ के प्रमुख धर्माचार्य श्री बाबू सिंह महाराज के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का सम्पन्न हुआ। संस्था के अखिल भारतीय संगठन प्रमुख अरूण पवार द्वारा धर्म गुरू संत श्री बाबूसिंह महाराज का प्रथम स्वागत कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
बुरहानपुर के युवा पत्रकार नवीन आड़े को उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता और समाजसेवा के लिए संत डॉ. रामराव महाराज फेडरेशन की ओर से 'प्रेरणा पुरस्कार 2025' प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें डॉ. बाबूसिंह महाराज के हाथों प्रदान किया गया। इस दौरान बुरहानपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार *राजू सिंह राठौड़* (बंजारा रत्न, 2024), और पत्रकार साथी महेंद्र मालवीय सहित समाजजन की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन संस्था के अखिल भारतीय प्रचारक विजय रामावत द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बंजारा समाज के अनुयायी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल समाज के प्रति योगदान देने वालों का सम्मान था, बल्कि समाज में एक नई प्रेरणा और उत्साह का संचार भी किया।

कार्यक्रम के दौरान संत डॉ. रामराव महाराज ने समाजसेवा के महत्व और समाज की प्रगति में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। पत्रकार नवीन आड़े ने अपने सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए समाज के प्रति और अधिक समर्पण की प्रतिबद्धता जताई।

यह आयोजन बंजारा समाज की एकता और उनके गौरवशाली इतिहास का प्रतीक बनकर समाज को नई दिशा देने का एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ।

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