बुरहानपुर - नशे की गिरफ्त में आकर जीवन को बर्बाद करना एक बहुत बड़ी गलती है। नशा जीवन को तबाह कर देता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्यों से दूर ले जाता है। नशाखोरी के कारण व्यक्ति की सेहत खराब होती है, रिश्ते खराब होते हैं और जीवन का उद्देश्य खो जाता है। उक्त बात श्री सांई नशामुक्ति केंद्र बुरहानपुर के संचालक डॉ मनोज अग्रवाल ने बताते हुए कहा कि नशे की लत से व्यक्ति की सोच और व्यवहार में बदलाव आता है, जिससे वह अपने परिवार और समाज से कट जाता है। नशाखोरी के कारण व्यक्ति के दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं, जिससे वह हिंसक और आक्रामक हो जाता है।
नशे के गिरफ्त में आकर जीवन को बर्बाद करने से बचने के लिए हमें जागरूक रहना होगा। हमें नशाखोरी के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना होगा और नशाखोरी से दूर रहने के लिए प्रेरित करना होगा।
इसके अलावा, हमें नशाखोरी के आदी व्यक्ति को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजना होगा और उन्हें अपने जीवन को सुधारने में मदद करनी होगी। हमें समाज में नशाखोरी के खिलाफ आवाज उठानी होगी और नशाखोरी को रोकने के लिए काम करना होगा।
केवल तभी हम नशाखोरी के खिलाफ लड़ सकते हैं और जीवन को बर्बाद होने से बचा सकते हैं। हमें नशाखोरी के गिरफ्त से मुक्ति पाने के लिए संघर्ष करना होगा और जीवन को सुधारने के लिए काम करना होगा।
नशे की गिरफ्त में आकर जीवन को बर्बाद मत करो, अपने जीवन को सुधारो और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करो। नशाखोरी के खिलाफ लड़ो और जीवन को बचाओ।
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