बुरहानपुर। भावसा बांध जो कभी सपना था उसे अपनो के लिए पूरा करने की ईच्छा रखने वाली ‘‘दीदी‘‘ विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस का सपना अब साकार स्वरूप ले चुका है। जहां वर्षाकाल का जल इस बांध की तलहटी में रूकने से केला और कपास के किसानों हेतु वरदान साबित हो रहा है। अपने बुरहानपुर, शाहपुर, फोफनार क्षेत्र के गिरते भू-जलस्तर को रोकने में भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत जमा हुए वर्षा जल हम सब के लिए पर्यटन और तीर्थ का रमणीय स्थल स्वरूप ले रहा है।
भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना स्थल पर जिले के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को श्रीमती अर्चना चिटनिस के 12 सालों की तपस्या को धरातल पर उतरी योजना को अपनी आंखों से अदभूत नजारे को देखकर अर्चना दीदी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि आज हम जल तीर्थ हेतु यहा एकत्रित हुए हैं। आप सभी को बताते हुए हर्ष है कि विगत 12 वर्षों की तपस्या और परिश्रम स्वरूप हमारे द्वारा संकल्पित भावसा मध्यम सिंचाई योजना की सारी वैधानिक अनुमतियां दिलाकर योजना को मूर्तरूप दिलाया जा सका। भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना को देख कर आत्मानंद की अनुभूति हुई। इस बांध का सरफेस एरिया लगभग 500 हेक्टेयर का है। 25 गांवों की अर्थव्यवस्था पर इस परियोजना से लाभ होने लगा है। इस बांध की केनाल का काम प्रस्तावित है जिसमें प्रेशर पद्धति से पानी छोड़ा जाएगा जिससे किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध होगा साथ ही ग्राउंड वाटर रिचार्ज का काम भी होगा। इस परियोजना से क्षेत्र का जलस्तर बढ़ा है और अमरावती नदी पूरे वर्षभर बहने लगी है। यहा एक सुंदर सा पर्यटन स्थल विकसित करने का प्रयास करते रहेंगे और सुंदर। पर्यटन स्थल विकसित हो सकेगा।
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस के अथक प्रयासों एवं सतत् मानीटरिंग के परिणाम स्वरूप करीब 159.52 करोड़ की लागत की बुरहानपुर जिले की प्रथम भावसा मध्यम स्वदबाव सिंचाई परियोजना धरातल पर उतर गई और आज डेम लबालब भर गया है। जिसे निहारते ही बन रहा है। परियोजना निर्माण से करीब 3750 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। डेम का क्षेत्र फल 600 एकड़ से अधिक है। श्रीमती चिटनिस के साथ जनप्रतिनिधियों एवं बुरहानपुर क्षेत्र के प्रबुद्धजनो एवं गणमान्य नागरिकों ने परियोजना का अवलोकन किया। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि मेरा और सबका स्वप्न साकार हो रहा है।
*सतत मॉनीटरिंग के कारण धरातल पर उतरी योजना*
विधायक श्रीमती चिटनिस ने अथक प्रयासों एवं सतत् मानीटरिंग के परिणामों से 104.45 करोड़ रूपए की बुरहानपुर जिले की प्रथम भावसा मध्यम स्वदबाव सिंचाई परियोजना बुरहानपुर जिले के ग्राम भावसा के समीप अमरावती नदी पर निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति एक फरवरी 2017 में प्राप्त हुई थी। परन्तु 275.04 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होने के चलते केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नईदिल्ली भारत सरकार से भी जरूरी थी। पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर पूर्व मंत्री श्रीमती चिटनिस ने 25 अक्टूबर 2017 को तत्कालीन केन्द्रीय वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.हर्षवर्धन से नई दिल्ली में भेंट की थी। परियोजना की साइट इन्सपेक्शन रिपोर्ट हेतु क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल को निर्देश जारी किए। उसकी रिपोर्ट प्राप्त होते ही आगामी फारेस्ट एडवाजरी कमेटी की बैठक में विचारार्थ रखा गया। केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नईदिल्ली भारत सरकार से सैद्धांतिक प्रथम स्तरीय पर्यावरणीय स्वीकृति जारी की थी। केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नईदिल्ली भारत सरकार द्वारा वन विभाग की मांग अनुसार नेट प्रजेंट वेल्यू, एण्ड वैकल्पिक वृक्षारोपण तथा पट्टाधारियों को मुआवजा राशि इत्यादि के लिए 68 करोड़ रूपए की राशि वन विभाग को प्रदान की। 275.04 हेक्टेयर भूमि जो डूब में आ रही थी उसे वन विभाग को अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराकर इसका क्लियरेंस कराया गया। योजना की साध्यता पिछले कार्यकाल में श्रीमती चिटनिस द्वारा लगातार प्रयासरत् रहते हुए वर्ष 2011 में प्राप्त की गई थी। इसके निर्माण में सबसे बड़ी बाधा योजना के डूब में आ रही 276 हेक्टेयर वन भूमि के बदले राजस्व की भूमि कटनी जिले में 69.68 हेक्टेयर तथा बुरहानपुर जिले में 208.77 हेक्टेयर वन विभाग को उपलब्ध कराई गई है। राजस्व, वन, जल संसाधन सभी विभागों का समन्वय कराकर वन प्रकरण को भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया था। साथ ही प्रोजेक्ट में फेरबदल के परिणाम स्वरूप 11 हेक्टेयर किसानों की भूमि डूब में नहीं आ सकी। डूब में आ रहे ग्राम चौंडी के रहवासियों को मुआवजा राशि का वितरण किया गया। 1402 मीटर लंबाई, 28 मीटर हाईट तथा 140 बैस हेडवर्क (पाल) के निर्माण कार्य से इस कार्य की शुरूआत की गई थी।
*इस प्रकार व्यय हुई 159.52 करोड़ की राशि*
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि परियोजना की लागत 159.52 करोड़ एवं सिंचाई क्षमता 3750 हेक्टेयर से अधिक है। भावसा मध्यम सिचाई परियोजना में प्रस्तावित मुख्य बांध स्थल पर 75 प्रतिशत निर्भरता पर जल की आवक 16.38 मि.घ.मी. है। बांध की कुल उपयोगी जल भराव क्षमता 13.64 मि.घ.मी. रूपांकित है। परियोजना की रूपांकित रबी सिंचाई 3750 हेक्टेयर है। बांध का डूब क्षेत्र लगभग 271.76 हेक्टेयर होगा, जिसमें 129.60 हेक्टेयर वनभूमि कृषि पट्टाधारी एवं वनभूमि 142.16 हेक्टेयर बांध के डूब क्षेत्र में अन्य शासकीय भूमि, निजी भूमि अथवा परिवार प्रभावित नहीं हो रही है। परियोजना के जलाशय के दायें पार्श्व से स्वदबाव से जल भूमिगत पाईप लाईन से सूक्ष्म सिंचाई (स्प्रिंकलर) पद्धति से बुरहानपुर जिले के 20-25 ग्रामों में 3750 हेक्टेयर से क्षेत्र में सिंचाई हो रही हैं। परियोजना के अंतर्गत बांध कार्य हेतु 32 करोड़ रूपए, भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य हेतु 68 करोड़ रूपए, पाईप लाईन वितरण प्रणाली 1 हेक्टेयर तक के कार्य हेतु 45 करोड़ रूपए तथा 10.60 करोड़ रुपए की लागत से जम्बूपानी पहुंच मार्ग हेतु स्वीकृति दिलाई गई। इस प्रकार योजना की कुल लागत 200 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं।
*करीब 50 हजार से अधिक जनसंख्या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हो रही लाभान्वित*
भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 25 ग्रामों के करीब 5 हजार से अधिक किसानों की 3750 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि सिंचित हो रही हैं। साथ ही करीब 50 हजार से अधिक की जनसंख्या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लाभांवित हो रही हैं।
*25 से अधिक गांव हो रहे लाभान्वित*
इस बहुप्रतिक्षित सिंचाई के निर्माण से ग्राम भावसा, खामनी, मोहद, बंभाड़ा, बड़सिंगी, तुरकगुराड़ा, पिपरी, खारी, मालवीर, चौंदी, दहीहंडी, फोफनार, रायगांव, नीमगांव, संग्रामपुर एवं बख्खारी सहित 25 गांवों के भूजल स्तर में वृद्धि होकर लगभग 3750 हेक्टयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई हो रही हैं। जिससे कृषि क्षेत्र में खुशहाली और कृषकों के लिए यह योजना वरदान सिद्ध हो रही है।
*ग्राम जम्बूपानी के लिए नवीन पहुंच मार्ग हेतु 10.60 करोड़ रुपए स्वीकृत*
पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि परियोजना निर्माण से जम्बूपानी का पहुंच मार्ग डूब में आ रहा था। इसके लिए नवीन पहुंच मार्ग बनाया जा रहा है। इसके लिए भी 10.60 करोड़ रुपए की स्वीकृत कराए गए है।
*सिंचाई रकबा 1353 हेक्टेयर से बढ़कर हुआ 25 हजार हेक्टेयर*
मध्यप्रदेश में 2003 दौरान भाजपा की सरकार बनी। जिसमें नेपानगर से श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) विधायक होकर मध्यप्रदेश की जुझारू नेत्री के रूप में सक्रिय हुई। फलस्वरूप उन्होंने नेपानगर और बुरहानपुर में 2003 तक जो सिंचाई रकबा मात्र 1353 हेक्टेयर था, उसको 20 गुना से अधिक बढ़ाने के अपने प्रयास तेज किए। जिसके परिणाम स्वरूप बुरहानपुर जिले में शासकीय तालाबों से आज 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई हो रही है। जिसमें जिले का सबसे बड़ा तालाब लगभग 159.52 करोड़ की लागत से निर्मित भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना भी मूर्तरूप लेकर अपनी जल रोकने की क्षमता को सिद्ध कर रहा है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि हमने बुरहानपुर विधानसभा अंतर्गत बनियानाला तालाब, मंगरूल तालाब, देव्हारी तालाब, मोतियादेव तालाब, बुरहानपुर बैराज, भोलाना तालाब, बख्खारी बैराज, फोपनारकला बैराज, सेलगांव बैराज, फोपनारखुर्द बैराज, जसौंदी बैराज, तारापाटी बैराज, अंजनडोह तालाब, कालूशाह बाबा बैराज, कोदरी बैराज, मालवीर बैराज, बोदरली बैराज, रायसेना बैराज, बोरगांव बैराज तथा नेपानगर विधानसभा अंतर्गत निम्ना तालाब, रामपुरा तालाब, कुम्हारनाला तालाब, हैदरपुर तालाब, झिरपांजरिया तालाब, रूपारेल तालाब, रेहमानपुरा-नवरा तालाब एवं अम्बाडा बैराज का निर्माण कराया गया। श्रीमती चिटनिस ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आव्हान किया गया कि हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जाए। प्रधानमंत्री जी के इस आव्हान पर संपूर्ण देश में और मध्यप्रदेश में भी छोटे-बड़े तालाब बनाने के लिए एक उत्साह का वातावरण बना गया। बुरहानपुर में पूर्व से किए जा रहे कार्यों में एक सुनिश्चित दिशा भूमिगत जल पुनर्भरण के लिए मिल गई। बुरहानपुर जिले में 103 अमृत सरोवर बनाए गए।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, जिला पंचायत सदस्य किशोर पाटील, गुलचंद्रसिंह बर्ने, डॉ मनोज अग्रवाल,अरूण सूर्यवंशी, शांतिलाल पाटिल, रामभाउ पाटिल, प्रशांत श्रॉफ, प्रविण चौकसे, रूपेन्द्रसिंह कीर, दुर्गेश शर्मा, संतोष श्रॉफ, मनमोहनसिंह बिंद्रा, प्रफुल मुंशी, रितेश जैन, वैभव महाजन, संदेश जैन, पंकज गौड़, अधिवक्ता शाकिर साहब, पार्षद धनराज महाजन, संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, मनोज फुलवानी, गौरव शुक्ला, रूद्रेश्वर एंडोले, चिंटू राठौर, दीपक महाजन, नीरज कक्कड़, रूपेश लिहनकर, गौरव शिवहरे, अजहर उल हक, शाहिद खान, बाबु भाई, दिवाकर सपकाले, आकाश चौधरी, अशोक राठौर, योगेश महाजन, मनोज चौधरी, ताजू भाई, गंगाराम अखाडि़या, सलीम भाई, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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