रात में जागने से शरीर पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में इन क्रोनिक बीमारियों के बारे मे जानना बेहद जरूरी है, जिनका खतरा नाइट शिफ्ट में काम करने से बढ़ सकता है.
क्रोनिक बीमारीयां
1. डायबिटीज
एक्सपर्ट्स की मानें तो जो लोग रात में काम करते हैं, उन्हें डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि नाइट शिफ्ट शरीर की नेचुरल स्लीप साइकिल को बाधित करती है. यह बदलाव शरीर के इंसुलिन के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है, जिससे डायबिटीज होने की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है.
2. हार्ट डिजीज
नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में हार्ट डिजीज जैसे हार्ट रेट रुकना और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इससे ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है, जो हार्ट डिजीज का कारण बन सकता है.
रात में जागने से इन समस्याओं का भी रहता है खतरा
नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग अक्सर अनियमित भोजन करते हैं और कम एक्सरसाइज करते हैं, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ जाता है.
एक्सपर्ट की मानें तो रात में काम करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा नाइट शिफ्ट में काम करने वाले सभी लोगों में प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में डिप्रेशन, चिंता और अनिद्रा जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा ज्यादा होता है.
नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है.
इन बातों का रखें ख्याल
जितना हो सके दिन के उजाले में समय बिताएं.
सोने से पहले कैफीन और शराब के सेवन से बचें.
रोजाना पर्याप्त नींद लें.
काम पर ब्रेक लेते समय बाहर जाएं और थोड़ी देर टहलें.
रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है.
हेल्दी चीजों का सेवन करें.
धूम्रपान और सिगरेट से परहेज करें.
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
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