बुरहानपुर - केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वाधान में नैदानिक चिकित्सा अनुसंधान एकक (यूनानी) बुरहानपुर द्वारा दिनांक 07 अप्रैल 2022 को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका विषय “विश्व के स्वास्थ्य में यूनानी का योगदान एवं यूनानी चिकित्सा के वर्तमान चैलेंज” था।
उपरोक्त कार्यशाला में प्रमुख वक्ता डॉ. मुजाहिद समी कार्यकारी प्रभारी/अनुसंधान अधिकारी एवं नवगांतुक अनुसंधान अधिकारी डॉ. मो. अब्दुल्लाह रहे, डॉ. समी ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि यूनानी चिकित्सा का विश्व स्वास्थ्य में एक अहम रोल है तथा ऐसी तमाम बीमारिया जिनका अभी भी मॉडर्न मेडीसन में कोई इलाज नहीं है।
तिब्ब यूनानी का खास मकसद कुव्वत ए मुदब्बरा ए बदन की तकवियत करना एवं मुआविनत करना है यही नहीं आज रोजाना ऐसे रोग सामने आ रहे है जिनके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं है। उनमें भी यूनानी सफल सिद्ध हुई है।
वर्तमान में कोरोना की महामारी में तिब्ब यूनानी का उसूल एवं इलाज कामयाब रहा है।
आज तिब्ब यूनानी के सामने विभिन्न प्रकार के चैलेंज है जो अनुसंधान के द्वारा अपने आपको साबित करने के साथ ही दवाओं के निर्माण की क्वालिटी एवं उनके अजजा पर खास तौर पर ध्यान देना होगा।
इसके अलावा कार्यशाला में डॉ. मो. इमरान जावेद (टीएसपी) एवं श्रीमति दलजीत शर्मा एवं श्री संजय कुमार चित्ते ने भी अपने विचार रखे कार्यशाला में भाग लेने वाले अन्य लोगों में डॉ. मो. इमरान खान हितेश सोनी, गणेश आमोदे, नीरज शाह आदि थे।
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