बुरहानपुर में जिंदा व्यक्ति को मृत साबित कर सुविधाओं से वंचित करने का मामला आया सामने : लापरवाही पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया

बुरहानपुरः मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक जिंदा व्यक्ति को मृत साबित कर दिया. जिससे उसे मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं बंद हो गईं.

पिछले चार साल से यह शख्स परेशान हो रहा है और यह सब हुआ है सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से जिसका खामियाजा एक गरीब शख्स उठाने को मजबूर है.

सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित
दरअसल, बुरहानपुर जिले के लोनी गांव के रहने वाले गोविंदा नाम के दलित शख्स को समग्र आईडी में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद शासन की सभी योजनाओं के लिए गोविंदा मृत साबित हो गया और अब हाल यह है कि परिवार का मुखिया अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए पिछले 4 सालों से शासन प्रशासन के चक्कर काट रहा है. आखिर में थक हार कर जब गोविंदा ने अपनी जान गवाने का प्लान बनाया तो क्षेत्र में एक संगठन के कार्यकर्ता उसे कलेक्टर कार्यालय लेकर पहुंचे.

कलेक्टर ने लिया संज्ञान
जिसके बाद गोविंदा ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई, उसने बताया कि कागजों में मृत घोषित होने के बाद परिवार शासन की हर योजना से वंचित है. परिवार ने इसके लिए गुहार कलेक्टर के पास लगाई है. जिसके बाद कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं.

जब इस मामले में कलेक्टर सवाल किए गए तो कलेक्टर प्रवीण सिंह ने पीड़ित पक्ष की पीड़ा सुनकर तुरंत जिला पंचायत को जांच के आदेश देने की बात कही है. जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है. कलेक्टर ने कहा कि यह त्रुटि है इसको सुधारा जाएगा और पीड़ित को फिर से सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा.

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