
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2022 सत्र के लिए नारियल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने की मंजूरी दे दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि उचित औसत गुणवत्ता वाले नारियल यानि मिलिंग खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल दस हजार तीन सौ 35 रुपये से बढा कर 10 हजार पांच सौ 90 रुपये कर दिया गया है। पूजा आदि के लिए इस्तेमाल होने वाले नारियल यानि बॉल खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 10 हजार छह सौ रुपये से बढाकर 11 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे मिलिंग खोपरा से 51 दशमलव आठ-पांच प्रतिशत और बॉल खोपरा से 57 दशमलव सात-तीन प्रतिशत मुनाफा होगा।
यह फैसला कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इससे लाभ की राशि कम से कम 50 प्रतिशत सुनिश्चित होगी। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम है। नारियल उत्पादक राज्यों में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारिता विपणन परिसंघ लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता उपभोक्ता परिसंघ लिमिटेड, न्यूनतम समर्थन मूल्य कार्य-कलापों के लिए एक केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते रहेंगे।