अगर चलती ट्रेन से कोई कीमती सामान बाहर गिर जाए तो कभी भी इसके लिए अलार्म चेन नहीं खींचनी चाहिए।
खम्बे पर लिखा नम्बर करें नोट -
सामान गिरते ही ट्रेन के बाहर सामने के इलेक्ट्रिक पोल पर लिखा हुआ नंबर देखना चाहिए और उसे याद रखना चाहिए। यह संख्या दिखने में ऐसी होती है – 795/22. इसका मतलब हुआ कि किलोमीटर संख्या 795 का 22 वाँ खंभा. यह खंभे दिखने में आमतौर पर सफ़ेद रंग के होते हैं. इनका आकार भी छोटा होता है.
हेल्पलाइन पर कॉल करें -
अब आप RPF की हेल्पलाइन पर कॉल करें और उन्हें बताएं कि आपका कीमती सामान जैसे- 'मोबाइल' इस स्टेशन के बीच और इतने नंबर इलेक्ट्रिक पोल के पास गिरा है। बस RPF आपका कीमती सामान ढूंढ लेगी।
आप वापस उस स्टेशन पर जाकर उसे अपनी पहचान बताकर अपना कीमती सामान या 'मोबाइल' कलेक्ट कर सकते हैं। इस तरह आप बिना अलार्म चेन खिचे अपने सामान को प्राप्त कर सकते हैं।
आपको बता दे कि रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी RPF का ऑल इंडिया सिक्योरिटी हेल्पलाइन नंबर 182 है। इसे आप किसी भी वक्त डायल करके मदद मांग सकते हैं। इनसे मदद मांगने पर फील्ड RPF तुरंत हरकत में आती है और वाजिब मदद तुरंत पहुंचा दी जाती है।
ऐसे ही GRP की हेल्पलाइन नंबर 1512 और रेल पैसेंजर हेल्पलाइन नंबर 138 है। इसे भी डायल करके यात्री सुरक्षा आदि की मांग कर सकते हैं।
चलती ट्रेन को अलार्म चेन खींचकर रोकना कानूनी अपराध है। इसके लिए ऐसा करने वाले पर जुर्माना लग सकता है और उसेजेल भी जाना पड़ सकता है।
रेलवे विभाग ने कुछ खास परिस्थितियों में ही अलार्म चेन खीचने के नियम बनाएं है जैसे- अगर कोई सहयात्री या बच्चा छूट जाए और ट्रेन चल दे, ट्रेन में आग लग जाए, अचानक बोगी में किसी की तबीयत बिगड़ जाए या फिर चोरी या डकैती की घटना हो जाए ऐसे में अलार्म चेन खीचना अपराध नहीं होता।
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