संजीव कुमार की ज़िंदगी का सफर -
● बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर संजीव कुमार का आज 83वां जन्मदिन है।
● उनका जन्म 9 जुलाई 1938 को सूरत में हुआ था।
● संजीव कुमार का असली नाम हरिहर जेठालाल जरीवाला था।
● अभिनय का शौक जागने पर संजीव कुमार ने इप्टा के लिए स्टेज पर अभिनय करना शुरू किया इसके बाद वे इंडियन नेशनल थिएटर से जुड़े।
● फिल्म 'शोले' में ठाकुर का रोल आज भी यादगार है। सिर्फ इसी फिल्म में नहीं, बल्कि कई बेहतरीन मूवीज में अपने यादगार किरदारों के लिए वो हमेशा जाने जाएंगे।
● 1974 में रिलीज हुई फिल्म 'नया दिन नयी रात' में उन्होंने 9 रोल किये थे। वहीं फिल्म 'कोशिश' में उन्होंने गूँगे बहरे व्यक्ति का शानदार अभिनय किया था।
● उन्हें नेशनल अवॉर्ड तो मिला ही साथ ही फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार भी मिल चुका है।
● संजीव कुमार ने साल 1960 से लेकर 1984 तक 25 साल तक फिल्मों में काम किया।
● उन्होंने कभी शादी नहीं की हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि प्यार उन्हें कई बार हुआ। उनकी शादी ना करने के पीछे एक बड़ा अंधविश्वास था। उनके परिवार में बड़े बेटे के 10 साल के होने पर पिता की मृत्यु हो जाती थी। संजीव के पिता और भाई के साथ भी यही हुआ और परिवार के अन्य लोगों के साथ भी यही हुआ। संजीव ने अपने मृतक भाई के बेटे को गोद जरूर ले लिया। मगर उस बच्चे के 10 साल के होते ही संजीव कुमार की भी मृत्यु हो गई।
● संजीव कुमार की खासियत थी कि वो कभी भी छोटे रोल करने से हिचकिचाए नहीं। खास बात यह रही कि उन्होंने जया बच्चन के ससुर, प्रेमी, पिता और पति की भूमिकाएं भी निभायी थीं।
● जब लेखक सलीम खान ने संजीव कुमार से फिल्म त्रिशूल में अपने समकालीन एक्टर अमिताभ बच्चन और शशि कपूर के पिता की भूमिका निभाने को कहा तो वे बेझिझक मान गए और ये भूमिका उन्होंने इतनी अच्छी तरह निभाई कि इस रोल को ही लीड रोल माना गया।
● 20 साल की उम्र में भी एक बार संजीव कुमार ने बूढ़े आदमी का रोल प्ले किया था उसे देखकर खुद पृथ्वीराज कपूर भी दंग रह गए थे।
● संजीव कुमार को लेकर ये भी कहा जाता था कि वह हेमा मालिनी को काफी पसंद करते थे। वह उनसे शादी करना चाहते थे। उन्होंने हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज किया था। लेकिन उन्होंने संजीव कुमार का प्रपोजल ठुकरा दिया था और उन्होंने धर्मेंद्र से शादी कर ली थी।
● उन्होंने साल 1960 में आई 'हम हिंदुस्तानी' से बॉलीवुड में कदम रखा था. शुरुआत में छोटा-मोटा रोल करने के बाद 1968 में आई 'राजा और रंक' ने उन्हें स्टार बना दिया. इस फिल्म में उन्होंने एक उम्रदराज व्यक्ति का किरदार निभाया था. जबकि, अधिकतर सितारे छवि बिगड़ जाने के डर से अब भी ऐसा करने से बचते हैं.
● उनके बारे में कहा जाता था कि वो एक ऐसे अभिनेता थे जो बिना बोले अपनी आंखों से भी अभिनय करते थे।
● शोले फ़िल्म निर्माण के पहले उन दिनों हेमा मालिनी संग उनके अफेयर की खबरें भी जोरो पर रहा करती थीं। वहीं धर्मेंद्र चाहते थे कि हेमा मालिनी उनकी हो जाएं। इसी फिल्म से जुड़ा ये किस्सा है जो काफी मशहूर हुआ। कहते हैं कि पहले धर्मेंद्र ठाकुर का रोल करना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि ठाकुर का किरदार सबसे अहम है। उस वक्त रमेश सिप्पी ने उन्हें समझाते हुए कहा कि तब वीरु का रोल संजीव कुमार तो दे दिया जाएगा और वो हेमा संग रोमांस करेंगे। इतना सुनते ही धर्मेंद्र ने ये जिद छोड़ दी और संजीव 'ठाकुर' के किरदार में नजर आए।
● एक बार नूतन ने संजीव कुमार को थप्पड़ गाल पर रसीद दिया था। दरअसल नूतन और संजीव के बीच रोमांस की खबरें फैल रही थीं जिससे नूतन के वैवाहिक जीवन में खलबली मच गई थी। नूतन को लगा कि संजीव इस तरह की बातें फैला रहे हैं लिहाजा आमना-सामना होने पर उन्होंने संजीव को थप्पड़ जमा दिया।
● संजीव कुमार ने कभी शादी नहीं की और महज 47 साल की उम्र में साल 1985 में हार्ट फेल हो जाने की वजह से उनकी मौत हो गई थी।
