गर्मियों में ऐसा हो हमारा पहनावा
● हल्के रंगों की सूती पोशाक इस मौसम के लिए उपयुक्त है। सूती कपड़ों में हवा आसानी से आ-जा सकती है और ये पसीना भी सोख लेते हैं।
● नायलॉन या सिंथेटिक कपड़ों में पसीना सूख नहीं पाता, जिससे त्वचा पर घमौरी और दूसरी बीमारियां हो जाती हैं।
● अगर आप स्कर्ट या छोटी बांहों का कुर्ता या ब्लाउज पहन रही हैं तो ध्यान रखें कि धूप से शरीर का खुला हिस्सा झुलस सकता है, इस हिस्से की नियमित मालिश करवाएं। जरूरत महसूस हो तो ब्लीच भी करवाएं।
● कपड़े ढीले हों। कसे कपड़ों में हवा का प्रवाह रुक जाता है।
● बच्चों को बनियान या कमीज जरूर पहनाएं। इससे त्वचा धूप के सीधे प्रकोप से बची रहती है।
● गर्मियों में जूते या बंद सैंडिल न पहनें, इससे पांवों में पसीना भरता है और उंगलियां कट सकती हैं। नायलॉन के मोजों की जगह सूती मीजे पहनें ।
● गर्मियों में शाम ढलते ही घर की खिड़कियां और दरवाजे कुछ देर के लिए बंद कर दें। यही वक्त है, जब मक्खी मच्छर और दूसरे कीड़े-मकोड़े घर के अंदर प्रवेश करते हैं। जब घर के अंदर बल्ब जलाएं तो बाहर की लाइट बंद कर दें।
● गर्मियों में आखों की देखभाल आंखों पर सूर्य की सीधी किरण न पड़ने दें। आंखों को पूर्ण विश्राम दें। आंखों के लिए धूप का चश्मा अवश्य खरीद लें |
● गर्मियों में खान-पान में स्वच्छता बरते, खान-पान से पूर्व हाथ अवश्य धोएं। हमेशा ताजा और गर्म भोजन ही खाएं। पीने का पानी सदा शुद्ध बर्तन से ही लें। भोजन सदैव शांत और एकाग्र-चित्त से करें।