कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन कोविड -19 से ठीक होने के बाद कुछ लोग अलग-अलग तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
अभी तक कोरोना से स्वस्थ होने के बाद फंगल इंफेक्शन, ब्लड क्लॉटिंग, साइटोकाइन, हैप्पी हाइपोक्सिया तमाम तरह की बीमारियां घेर रही है लेकिन अब एक और बीमारी सामने आई है रेक्टल ब्लीडिंग। यह साइटोमेगालोवायरस से संबंधित है।
साइटोमेगालोवायरस के लक्षण
लंबे वक्त तक बुखार
थकान और बेचैनी होना
गले में खराश
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
भूख नहीं लगना या कम लगना
ग्रंथियों में सूजन आना
दिमाग में सूजन
वजन घटना
सांस संबंधी परेशानी
साइटोमेगालोवायरस का कारण
1. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से
2. संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर।
3. अंग, अस्थि मज्जा या स्टेम सेल प्रत्यारोपण से।
4. संक्रमित मां के स्तनपान से
5. गर्भावस्था के दौरान बच्चे में संक्रमण का जोखिम।
उपचार
इस बीमारी से बचाव के उपचार संभव है। यह बीमारी खास कर उन लोगों को घेर रही है जिन्हें स्टेरॉयड की खुराक अधिक दी गई। साथ ही जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया।
इस बीमारी से बचाव के लिए वैज्ञानिकों द्वारा शोध जारी है। फिलहाल इसका कोई सटीक इलाज नहीं है,लेकिन एंटीवायरल दवाओं की मदद से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।