वो नौं बातें जो आपको FD खुलवाते वक्त ज़रूर ध्यान में रखना चाहिए.

हम यहां आपको ऐसी नौ बातें बता रहे हैं जिनका ख्याल आपको FD खुलवाते वक्त रखना चाहिए.

1. डिपॉजिट की अवधि

नई FD में निवेश करने से पहले आपको इसके टेन्योर के बारे में स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए. आमतौर पर FD का टेन्योर 7 दिन से लेकर 10 साल तक होता है.

ऐसे में अपनी सहूलियत को देखते हुए FD करानी चाहिए.

2. न्यूनतम डिपॉजिट अमाउंट

FD खोलते वक्त इसकी न्यूनतम रकम का पता कर लें. SBI में न्यूनतम 1,000 रुपये की FD खोली जा सकती है. दूसरी ओर, ICICI के मामले में ये लिमिट 10,000 रुपये है. हालांकि, किसी नाबालिग के नाम पर 2,000 रुपये तक की FD खोली जा सकती है.

HDFC बैंक में ये सीमा 5,000 रुपये की है.

3. FD पर ब्याज

FD पर अलग-अलग अवधि में अलग-अलग ब्याज मिलता है.

ऐसे में किसी भी डिपॉजिट को अंतिम रूप देने से पहले आपको टेन्योर के साथ ब्याज दर को देखना चाहिए. सीनियर सिटीजंस को हर टेन्योर पर थोड़ा सा ज्यादा ब्याज मिलता है.

4. टैक्स में छूट

FD पर मिलने वाला रिटर्न संबंधित इनकम टैक्स स्लैब पर आधारित होता है. किसी एक फाइनेंशियल ईयर में अगर इंटरेस्ट इनकम 10,000 रुपये की लिमिट से अधिक हो जाती है तो बैंक इस पर TDS काटते हैं.

आपको बैंक को TDS काटने से रोकने के लिए 15G/H फॉर्म जमा करना पड़ता है.

पांच साल की टैक्स फ्री FD ज्यादातर लोगों में लोकप्रिय हैं.

5. FD पर लोन

आप FD पर लोन और ओवरड्राफ्ट (OD) भी हासिल कर सकते हैं. हालांकि, FD पर लोन लेने पर आपको इसमें मिलने वाले ब्याज से ज्यादा चुकाना पड़ता है. FD की रकम के 90-95% तक लोन आप हासिल कर सकते हैं.

6. प्रीमैच्योर विद्ड्रॉल

Fixed Deposits पर प्रीमैच्योर यानी तय वक्त से पहले विद्ड्रॉल का विकल्प मिलता है. लेकिन, इसमें आपको पेनाल्टी चुकानी पड़ती है.

पेनाल्टी की रकम आमतौर पर कुल रकम के 1 से 1.5% के बीच होती है. कुछ बैंकों को बिना पेनाल्टी के प्रीमैच्योर विद्ड्रॉल की इजाजत मिलती है.

7. ऑटो रिन्यूअल

FD आमतौर पर मैच्योरिटी की तारीख तक हर साल रिन्यू होती हैं. आपको अन्य ब्योरों के साथ इनके ऑटो रिन्यू का विकल्प भरना पड़ता है.

आजकल सभी सरकारी और निजी बैंक ऑनलाइन FD खोलने की इजाजत देते हैं. इसमें आपको ऑटो रिन्यू का विकल्प मिलता है. आप इसे छोड़ भी सकते हैं.

8. नॉमिनेशन की सुविधा

दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स की तरह से ही FD पर भी नॉमिनी बनाने का विकल्प मिलता है. FD खोलते वक्त आपको नॉमिनी वाला विकल्प भरने के लिए मिलता है. ऐसा नहीं करने पर FD होल्डर की मृत्यु होने पर परिवार को पैसे हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

9. क्रेडिट रेटिंग

बैंक्स और दूसरे वित्तीय संस्थानों को क्रेडिट रेटिंग जारी की जाती है. AA या AAA रेटिंग हमेशा BB या BBB रेटिंग से अच्छी होती है.

RBI के नियम के मुताबिक, हर डिपॉजिटर के प्रिंसिपल और ब्याज के तौर पर 5 लाख रुपये की सुरक्षा मिलती है.



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