पारे वाले थर्मामीटर से तो हर कोई वाकिफ होगा। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक थर्मामीटर भी आपने डॉक्टर की क्लीनिक पर देखा ही होगा। लेकिन नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर या नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर आपने 2020 में ज्यादा प्रचलन में देखा होगा। कोरोना संकट काल में बिना संक्रमण फैलाए लोगों के शरीर का तापमान जानने में नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर ज्यादा उपयोगी साबित हुआ है। आप कही भी जाते होंगे तो पहले गन की तरह एक थर्मामीटर आपके माथे के ठीक सामने लगा कर आपके शरीर का तापमान जाना जाता होगा। इस नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के बारे में आप इस आर्टिकल में जानेंगे कि ये थर्मामीटर काम कैसे करता है? इसके फायदे क्या हैं?
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर क्या है?
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर को नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर भी कहा जाता है। ये एक ऐसा थर्मामीटर है, जिसमें बिना शरीर के किसी अंग को छुए या संपर्क में आए ही शरीर का तापमान जाना जा सकता है। इससे निकलने वाली इन्फ्रारेड किरणें शरीर के तापमान को एक डिजिटल स्क्रीन पर दिखा देती है कि व्यक्ति के शरीर का तापमान कितना है। नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर का इस्तेमाल इंसान के शरीर से 3 से 15 सेंटीमीटर दूर से किया जाता है।
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर कैसे काम करता है?
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर को इंसान के माथे पर प्वॉइंट किया जाता है। क्योंकि अगर किसी व्यक्ति को बुखार होता है तो सबसे पहले सिर गर्म होना शुरू होता है। ऐसे में नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर को सीधे व्यक्ति के माथे के सीध में लगभग 10 सेंटीमीटर की दूरी पर रखा जाता है। थर्मामीटर से निकलने वाला लेजर सीधे शरीर की सतह पर पड़ती है। इस थर्मल रेडिएशन के कारण शरीर का तापमान थर्मामीटर के डिजिटल स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। किसी भी बीमार व्यक्ति के शरीर का तापमान मापने के लिए नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर सही माना जाता है।
कैसे करते हैं प्रयोग -
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर गन को पहले हाथों से पकड़ें और उसका पॉवर ऑन करें।
इसके बाद थर्मामीटर में लगे ट्रीगर को तब तक पकड़ कर रखें, जब तक उसमें से लेजर निकलता ना दिखाई दे।
जब लेजर निकलने लगे तो आप थर्मामीटर को सीधे व्यक्ति के माथे के बीचो बीच रखें। ध्यान रहे कि थर्मामीटर की दूरी व्यक्ति के शरीर से लगभग 10 से 15 सेमी पर हो।
लेजर को तब तक व्यक्ति के माथे पर पड़ने दें, जब कि एक स्टेबल रीडिंग थर्मामीटर के डिजिटल स्क्रिन पर ना आ जाए।
इसके बाद डिजिटल स्क्रीन पर आई हुई रिडिंग को नोट कर लें।
फिर अगर आपको किसी अन्य व्यक्ति का टेम्प्रेचर नहीं चेक करना है तो थर्मामीटर का पॉवर बटन ऑफ कर दें।
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के फायदे क्या हैं?
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के फायदे निम्न हैं :
नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी व्यक्ति या वस्तु का तापमान दूर से मापने में सक्षम है। बिना किसी फिजिकल कॉन्टेक्ट के नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर सतह के तापमान को नाप सकता है।
नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी गतिशील व्यक्ति या वस्तु का तापमान मापने में सक्षम है।
नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर के द्वारा कोई संक्रमण फैलने का रिस्क ना के बराबर होता है। साथ ही ये कॉन्टेक्ट थर्मामीटर की तरह दूषित भी नहीं होता है, क्योंकि कॉन्टेक्ट थर्मामीटर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर के कॉन्टेक्ट में आता है।
नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी ऑब्जेक्ट के बाहर से ही इस्तेमाल होता है।
नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर की रीडिंग सही और जल्दी मिल जाती है, इसके लिए किसी भी तरह का इंतजार नहीं करना होता है।