योग हमारे शरीर में संतुलन बनाये रखने के लिये बहुत ही कारगर है। योग मे धनुरासन , जिसे धनुष मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है, एक ऐसा योग व्यायाम है जिससे तनाव, चिंता और शारीरक दर्द से तुरन्त राहत मिलती है|
धनुरासन करने के फ़ायदे -
● पैर और हाथ की मांसपेशियों को टोन करता है।
● धनुरासन रीढ़ की हड्डी का आकार सही करता है।
● मोटापे, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी गंभीर समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।
● मासिक धर्म की परेशानी और कब्ज से राहत दिलाता है।
● अस्थमा और श्वसन संबंधी बीमारियों को ठीक करता हैं |
● टखने, छाती, कमर और जांघों और पेट के सभी अंगों को मजबूत बनाता है।
● हृदय, अग्न्याशय, छोटी आंत और बड़ी आंत के कार्य में सुधार करता हैं |
● पीठ और रीढ़ को मजबूत और लचीला करता है।
● डायबिटीज, अस्थमा और शुगर रोगों को दूर करता है।
● रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।
धनुरासन करने का तरीका-
सर्वप्रथम साफ़ जगह पर योगा मेट या दरी लगाकर पेट के बल जमीन पर आराम से सीधे लेट जाए |
ठोड़ी जमीन पर स्पर्श करे और नज़र सामने की ओर होनी चाहिए |
दोनों हाथ शरीर की जांघो से सटे होने चाहिए |
अपने दोनों घुटनों को मोड़े, अपने हाथों को पीछे ले जाएं और अपनी टखनों को पकड़ें।
साँस लेते हुए, अपनी छाती को ज़मीन से उठाएँ और अपने पैरों को ऊपर की ओर खींचें।
चेहरे पर एक कोमल मुस्कराहठ का भाव रखे और सीधे आगे देखें |
अपनी सांस पर ध्यान देते हुए मुद्रा को स्थिर रखें। ओर जितना हो सके शरीर को धनुष के रूप में घुमावदार और तना हुआ कसे।
जितनी देर संभव हो सके (10 से 20 सेकंड) उतनी देर इस मुद्रा मे बने रहे |
अब धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए, धीरे से अपने पैरों, ठोड़ी और छाती को जमीन पर लाएं। एड़ियों को छोड़ें और आराम करें।
इस प्रकार आपका धनुरासन का एक सेट पूरा होता है| 3 से 5 सेट करने की कोशिश करे|
धनुरासन करने मे सावधानियां और अंतर्विरोध –
Dhanurasana पेट के बल लेट कर किया जाने वाला आसन है इसलिए गर्भवती महिलाओं को धनुरासन नहीं करना चाहिए| जो लोगों पीठ दर्द, हर्निया, उच्च रक्तचाप, पेट की सर्जरी और माइग्रेन जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं, उन्हें भी धनुरासन योग हमेशा एक प्रशिक्षित योगा टीचर की देखरेख मे डॉक्टर की अनुमति के बाद ही अभ्यास करना चाहिए।
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