बुरहानपुर में कोरोना को लेकर झूठी अफवाह फैलाना पड़ेगा भारी,कलेक्टर ने जारी किए कड़े आदेश

बुरहानपुर - जिले में कोरोना संकट बढ़ता जा रहा है। प्रशासन हर रोज कोरोना को लेकर लोगों को जागरुक करने का काम कर रहा है. लोगों को लगातार कहा जा रहा है कि कोरोना से डरना नहीं है बल्कि बचना है,लेकिन ऐसे में देखा जा रहा है कि कुछ लोगों और ग्रुप के द्वारा सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर झूठी खबरें और संदेश फैलाए जा रहे हैं. जिससे शहर में लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन रही है. इन सभी झूठी खबरों और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने का मन बना चुका है.
बुरहानपुर कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किये हैं.
 कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने के संबंध में यह पाया जा रहा है कि जिला बुरहानपुर में कुछ व्यक्तियों , समूहों , असामाजिक तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया जैसे : व्हाटसएप , फेसबुक , ट्वीटर , इंस्टाग्राम व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से भ्रामक जानकारी पोस्ट , फोटो , वीडियो मैसेज कर सामाजिक व्यक्तियों में डर व भय का वातावरण निर्मित कर आम जन - जीवन को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया जा रहा है , जिसके फलस्वरूप जनसामान्य की मानसिकता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है , इसलिए जिले में कोरोना वायरस के संबंध में सोशल मीडिया एवं विभिन्न इलेक्ट्रानिक माध्यमों से फैलायी जा रही भ्रामक जानकारी पर रोक लगाया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है । 
अतः कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया जैसे विभिन्न एप यथा - व्हाटसएप , ट्वीटर , इंस्टाग्राम व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों पर कोरोना वायरस जनित बीमारी के संबंध में भ्रामक जानकारी , आपत्तिजनक , सांप्रदायिक तथा उध्देलित करने वाली धामक पोस्ट , मैसेज या फोटो , वीडियो शेयर नहीं करेगा न ही फारवर्डिंग करेगा। पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों को भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है । 
दण्ड के प्रावधान : कोई भी व्यक्ति जो इस आदेश का उल्लघंन कर रहा है , उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही के साथ आईपीसी की धारा 188 और अन्य कानूनी प्रावधान लागू होते हैं , जिसके तहत कार्यवाही की जाएगी ।





Post a Comment

Previous Post Next Post