सामान्य लक्षणों वाले मरीज़-
कोरोना वायरस के दुनिया भर में फैल जाने से दशहत का माहौल है। लेकिन अधिकांश मामलों में हल्के-फुल्के या सामान्य लक्षण होते हैं, जिनमें अस्पतालों में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं होती है। ऐसी स्थिति में घबराने की नहीं, बल्कि संयम और समझदारी से काम लेने की जरूरत है।
ज़ोखिम वाले मरीज़ -
यदि मरीज़ पहले से ही ह्रदय, किडनी, मधुमेह ,कैंसर,अस्थमा या फेफड़े की बीमारी से पीड़ित हों या जिन्हें पहले निमोनिया हुआ हो ऐसे लोग पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें क्योंकि ये ज़्यादा ज़ोखिम वाले होते हैं।
कोरोना संक्रमित या आशंका वाले मरीज़ घर मे क्या विशेष सावधानी बरतें -
● रोगी अलग रूम में रहें। अन्य सदस्यों से संपर्क ना के बराबर रखें।
● संभव हो तो अलग शौचालय, बाथरूम का इस्तेमाल करें।
● रोगी के बेडरूम या बाथरूम में टिशू पेपर, तौलिया तथा डिसइंफेक्टेंट,सेनेटाइजर उपलब्ध कराएं।
● यदि बाथरूम साझा हो तो रोगी के इस्तेमाल करने के बाद सैनिटाइज करें।
● रोगी को खाना दरवाजे पर ही रख कर दें,बर्तन अलग ही रखें।
● रोगी तथा उसकी देखभाल करने वाले सदैव मास्क का इस्तेमाल करें।
● बीमार के साथ खाना, तौलिया या बिस्तर साझा न करें।
● पालतू जानवर के संपर्क में भी आने से बचें।
● यदि रोगी के साथ जगह साझा करना पड़े तो दूसरे सदस्य दस्ताना पहनें तथा डोरवेल, बिजली स्वीच, नल, टॉयलेट और रोगी द्वारा छूए जाने वाली चीजों को बार-बार विसंक्रमित करें।
● घर में कॉमन जगह को खुला रखें तथा हवा आने की व्यवस्था करें। इसके लिए खिड़की खोल कर रखें या एयर-कंडीशनर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
● उपचार में काम आने वाली सभी दवाईयां व उपकरण सामिग्री को अपने पास ही बैड के समीप रखें।
● पौष्टिक और सुपाच्य भोजन लें व प्रतिदिन हल्का व्यायाम अवश्य करें।
● मानसिक तनाव बिल्कुल ना लें ,अपनी मनपसंद का संगीत सुनें या मेडिटेशन या अच्छी रोचक पुस्तकें पढ़ें।
● कोरोना से सम्बंधित नकारात्मक बातों व अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें ना ही विश्वास कर घबरायें।
● अच्छी , गहरी व चिंता मुक्त लगभग 6-8 घँटों की नींद लें।
● किसी भी प्रकार के धूम्रपान, अल्कोहल या अन्य नशों का सेवन बिल्कुल ना करें।