मास्क को गलत तरीके से लगाना है कोरोना प्रसार का कारण
लोग मास्क जरूर लगा रहे हैं, लेकिन मास्क पहनने का तरीका कई दफा गलत होता है। मास्क पहनने का उद्देश्य नाक और मुंह को पूरी तरह कवर करना है, ताकि वायरस नाक और मुंह से प्रवेश नहीं कर सकें। लोग मास्क पहनकर ठुड्डी से नीचे रखते हैं, जिसकी वजह से मुंह और नाक खुली रहती है। अगर भारत में लोग सही तरीके से मास्क पहनना शुरू कर दें तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। मास्क को लगाने का तरीका सीखें। मास्क को नीचे नहीं खिसकाएं।
सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें
कुछ महीनों पहले लोग कोरोना से डर रहे थे, और दुकान से सामान खरीदते समय दूरी का ध्यान रख रहे थे। लेकिन अब दुकानों के आगे से सर्कल के निशान मिट गए हैं, और लोग इकट्ठे खड़े होकर सामान खरीद रहे हैं। नतीजा कोरोना का प्रसार दिनों-दिन बढ़ रहा है।
सब्जी खरीद रहे हैं तो बिना मास्क लगाए सब्जी वाले के करीब नहीं जाएं।
अगर सब्जी वाला कोरोना पॉजिटिव हुआ तो मोल-भाव में आप भी इस बीमारी की चपेट में आ जाएंगे। सब्जी खरीदकर घर से बाहर रखें या बाल्टी में रखें। अच्छे से वॉश करके ही सब्जी को काटें।
लंबे समय तक किसी से बात करना
आप कोरोना काल में किसी से भी लंबे समय तक बात नहीं करें। आप लंबे समय तक बात करते हैं तो आप बातों में इतना ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं, कि आपकी सावधानी घटती जाती है। कई बार आप बात करने के दौरान मास्क को नीचे भी कर लेते हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने के अवसर अधिक होते हैं।
बुजुर्गों का ख़्याल -
कुछ समय पहले तक हम कोरोना से बेहद डरे हुए थे, और उससे खुद का और अपने बुजुर्गों का बचाव भी कर रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, हम कोरोना को नज़रअंदाज कर रहे हैं। घर के बुजुर्गों और बच्चों की इम्यून शक्ति कम होती है, उनसे दूरी बना कर रहे, ताकि आपके बुजुर्ग और बच्चों की सेहत बनी रहे।
बिना लक्षण वाले लोगों से घुलना-मिलना
जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मौजूद नहीं होते हैं, ऐसे मरीज कोरोना का सबसे अधिक प्रसार कर रहे हैं। ये बात अध्ययन में भी सामने आ चुकी है। इसलिए आप किसी से भी बात करें तो मास्क को चेहरे से नहीं हटाएं।