अखंड सिंधी सेवा फाउंडेशन द्वारा फ्री थैलेसीमिया जांच शिविर 31 जनवरी को

खंडवा - थैलेसीमिया रोग निवारण के लिए अखंड सिंधी सेवा फाउंडेशन व्दारा एक भव्य फ्री थैलेसीमिया चेकअप शिविर 31 जनवरी को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक सभी के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सिंधी समाज प्रदेश प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत देश में हर वर्ष सात से दस हजार थैलीसीमिया पीडि़त बच्चों का जन्म होता है। भारत की कुल जनसंख्या का ३.४ प्रतिशत भाग थैलेसीमिया ग्रस्त है। भारत में करीब 10 लाख बच्चे इस रोग से ग्रसित हैं। फ्री थैलेसीमिया चेकअप शिविर का आयोजन 31 जनवरी को डॉ.रुघवाणी चाइल्ड केयर सेंटर एंड हॉस्पिटल, 22 सिंधु नगर, मोहनलाल रुघवानी मार्ग, जरीपटका, नागपुर में होगा। थैलेसीमिया की फ्री जांच के लिए मुरली गुरदासाणी के मोबाइल नं 9834010917, जयप्रकाश बेलाणी 9423100346, श्रीमती शोभा भागिया 9422805103 से संपर्क कर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य रहेगा। थैलेसीमिया (Thalassemia) क्या है? विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ.रुघवाणी जी ने कहा कि थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त-रोग है। इस रोग के होने पर शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान तीन माह की आयु के बाद ही होती है। इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है। थैलेसीमिया दो प्रकार का होता है। यदि पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता दोनों के जींस में माइनर थैलेसीमिया होता है, तो बच्चे में मेजर थैलेसीमिया हो सकता है, जो काफी घातक हो सकता है। किन्तु पालकों में से एक ही में माइनर थैलेसीमिया होने पर किसी बच्चे को खतरा नहीं होता। यदि माता-पिता दोनों को माइनर रोग है तब भी बच्चे को यह रोग होने के २५ प्रतिशत संभावना है। अतः यह अत्यावश्यक है कि विवाह से पहले महिला-पुरुष दोनों अपनी जाँच करा लें।

Post a Comment

Previous Post Next Post