बवासीर में क्या खाएं और क्या न खाएं, जानें पूरा डाइट प्लान

बवासीर की समस्या में गलत खानपान की आपकी तकलीफ और रोग को बढ़ा सकता है। बवासीर के इलाज के लिए दवाओं के साथ-साथ परहेज भी बहुत जरूरी है। 

अगर आपको बवासीर है तो आपको पता होना चाहिए कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।

◆ भरपूर पानी पियें - बवासीर की समस्या है तो दिन में 4 से 5 लीटर पानी का सेवन करें। पानी शरीर को कई तरह के लाभ प्रदान करता है। भरपूर पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को निकालने में आंत को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। इसके अलावा खून का तापमान भी सामान्य रहता है जो बवासीर में फायदेमंद है| इससे कब्ज खत्म हो जाता है जिससे स्टूल पास करते वक्त आसानी होती है।

◆ छाछ पिएं - बवासीर में छाछ (मट्ठा) पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। छाछ से न सिर्फ आपका पेट ठीक रहता है, बल्कि बवासीर में आपको जलन और दर्द से भी आराम मिलता है। करीब 2 लीटर छाछ में 25 ग्राम भुना हुआ जीरा पीस कर डालें और स्वाद अनुसार काला नमक मिला लें। इसे थोड़ा-थोड़ा करके दिनभर में पिएं। चार दिन तक ऐसा करने से मस्से ठीक हो जायेगें। छाछ के अलावा खाने के साथ दही का सेवन भी आपके लिए फायदेमंद होगा।

◆ फल और सब्जियां खाएं - बवासीर में आप जितना ज्यादा रेशेदार (फाइबरयुक्त) चीजें खाएंगे, आपको उतना आराम मिलेगा और आपका पेट भी साफ होगा। अच्छे पाचन के लिए फाइबर का सेवन फायदेमंद होता है। अपने आहार में ताजे फल और रंगीन सब्जियों को शामिल करें। हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ फाइबर भी भरपूर होता है।

◆ ईसबगोल - ईसबगोल की भूसी फाइबर का बहुत अच्छा स्रोत है। ईसबगोल की भूसी का प्रयोग करने से आपका मल मुलायम होता है, जिससे मलत्याग के समय आपको दर्द कम होता है और पेट अच्छी तरह साफ होता है। रात को सोने से पहले एक या दो चम्मच इसकी दही या पानी के साथ लिया जा सकता है।

◆ तिल खाएं - बवासीर में तिल का सेवन करने से भी फायदा मिलता है। रात को 1 चम्मच काला या सफेद तिल पानी में भिगो दें और सुबह उठकर खा लें। अगर आपको साबुत तिल खाना पसंद नहीं है तो आप तिल के लड्डू भी खा सकते हैं। प्रतिदिन दो चम्मच काले या सफेद तिल को चबाकर खाइए और उसके बाद ठंडा पानी पीजिए।

◆ मूली खाएं - मूली में बहुत अधिक मात्रा में घुलनशील फाइबर पाये जाते हैं जो मल को मुलायम करने और पाचन क्रिया को दुरस्त रखने में मदद करते हैं। पाइल्स के मरीजों को कच्ची मूली का ही सेवन करना चाहिए। आप चाहें तो इसे घिसकर खा सकते हैं। यानी 100 ग्राम मूली को घिस कर उसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर, दिन में इसे दो बार खाएं।

बवासीर में क्या न खाएं -

◆ मिर्च न खाएं - बवासीर के रोगी को हरी या लाल मिर्च नहीं खाना चाहिए क्योंकि हरी मिर्च का सेवन मरीज के दर्द और जलन की समस्या को बढ़ा सकता है।

◆ सुपारी, गुटखा और सिगरेट - सुपारी, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट आदि का सेवन आपकी तकलीफ को बढ़ा सकता है। हर तरह की सुपारी युक्त चीजें खाने से बचें।

◆ बाहर का खाना न खाएं - बवासीर होने पर बाहर का खाना खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि बाहर के खाने में नमक, मिर्च और साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है

◆ राजमा, मसूर, बीन्स न खाएं - राजमा-चावल व दाल-चावल आदि के शौकीन लोगों को यदि पाइल्स हो तो इस शौक से कुछ वक्त के लिये तौबा कर लेनी चाहिए। क्योंकि राजमा व मसूर जैसी बीन्स व दालों का सेवन पाइल्स के रोगियों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है।

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है,  जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.

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