केला एक्सपोर्ट क्लस्टर में मध्यप्रदेश को जोड़ते हुए बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिले का किया जाए समावेश-पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस


बुरहानपुर - भारत सरकार में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री मा.श्री नरेन्द्रसिंह जी तोमर एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान को मध्यप्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने पत्र प्रेषित कर भारत सरकार के अपेडा के माध्यम से आरंभ की गई योजना के तहत गठित केला एक्सपोर्ट क्लस्टर में मध्यप्रदेश को जोड़ते हुए बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिले को सम्मिलित किए जाने की मांग की है। जिससे निमाड़ क्षेत्र के किसानों को केला निर्यात के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान की जा सके।


श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, आन्ध्रप्रदेश और तमीलनाडू राज्य केला उत्पादन क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्य है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात में निर्यात योग्य और अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रजाति ’’ग्रॅड नैन’’ का उत्पादन बहुतायत में किया जाता है। 


मध्यप्रदेश राज्य इस प्रजाति के उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर आता है। इस प्रजाति के गुणधर्म अच्छे होने के कारण विगत दस वर्षों में सभी देशो में केले की इस प्रजाति की मांग बहुत बढ़ गई है। इसलिए पूरे विश्व में इसका निर्यात किया जाता है। 


हमारे मध्यप्रदेश के किसान भी निर्यात योग्य उत्पादन कर रहे है। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिले से भी केले का निर्यात हो रहा है। परंतु निर्यात सुविधा ना होने के कारण किसानों को केला निर्यात करने में बहुत कठिनाईयां हो रही है। 


श्रीमती चिटनिस ने कहा कि केले का निर्यात (एक्सपोर्ट) बढ़ाने हेतु भारत सरकार ने अपेडा के माध्यम से कुछ प्रयास प्रारंभ किए है। इस योजना में किसानों को निर्यात के सारे काम करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सीडी मिलती है। ऐग्री एक्सपोर्ट पाॅलीसी के साथ ही अपने देश में केला एक्सपोर्ट क्लस्टर का गठन भी किया गया है, जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तमीलनाडू तथा केरल राज्य शामिल है। 


इस प्रकार केला एक्सपोर्ट क्लस्टर में देश के कुल 5 राज्यों के 15 जिलो का समावेश किया गया है। किंतु इसमें अपना मध्यप्रदेश राज्य शामिल नहीं है। 


 


 


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