बुरहानपुर - आज घर की रौनक और गर्व का दिन यानी बेटी दिवस है। बदलते परिवेश में भारत में बेटियों के प्रति नजरिए को लेकर बहुत बदलाव आया है लेकिन अभी भी भार त को बेटी के महत्व को समझने के लिए एक लम्बा रास्ता तय करना है। केवल आज के दिन ही नहीं, बल्कि आज से आप बेटियों के महत्व को समझते हुए उनके सपनों को उड़ने के लिए पंख दे सकते हैं। कोशिश करें, कि आप बेटियों के अस्तित्व को तलाशने में उनकी मदद करें।
बुरहानपुर में भी आज सोशल मीडिया जैसे फेस बुक, वाट्सअप और इंस्टाग्राम आदि पर लोग अपनी बेटियों के साथ प्यारी प्यारी दिल को छू जाने वाली पंक्तियों के साथ फ़ोटो शेयर कर रहे हैं।
बेटी दिवस मनाने की एक खास वजह बेटियों के प्रति लोगों को जागरुक करना। इस दिन बेटी को न पढ़ाना, उन्हें जन्म से पहले मारना, घरेलू हिंसा, दहेज और दुष्कर्म से बेटियों को बचाने के लिए भारतीयों को जागरुक करना भी है। उन्हें यह समझाना कि बेटियां बोझ नहीं होती, बल्कि आपके घर का एक अहम हिस्सा होती हैं। साथ ही अपना स्नेह प्रदर्शित करने का भी एक अच्छा अवसर होता है।
वैसे सिर्फ बेटियों के लिए ही नहीं, बेटा (Son's Day, 11 August), मां (Mother's Day, 10 May), पिता (Father's Day, 21 June) और यहां तक की दादा-दादी (Grandparent's Day) के लिए भी साल में एक खास दिन रखा गया है।