बुरहानपुर - बाल कल्याण समिति, बुरहानपुर,महिला बाल विकास विभाग बुरहानपुर , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुरहानपुर , ममता संस्थान (यूनिसेफ समर्थित )के संयुक्त तत्वाधान में " बाल विवाह मुक्त बुरहानपुर अभियान" के तहत पैरा लीगल वालंटियर के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जूम एप के माध्यम से आयोजित इस वैबनार में श्री नरेंद्र पटेल ,सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुरहानपुर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में बताया कि, बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है आज भी देश के विभिन्न प्रांतों गांवों कस्बों में बाल विवाह प्रथा जारी है।
इस प्रथा को सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है । बाल विवाह रोकने हेतु बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बनाया गया है। जिसमें दंड का प्रावधान है।
बाल कल्याण समिति बुरहानपुर के सदस्य श्री संदीप शर्मा ने बताया कि हमारे समाज में बाल विवाह की स्थिति गंभीर है। इसे रोक के जाने हेतु सभी को प्रयास करना चाहिए । श्री संदीप शर्मा ने फ्लाइट के माध्यम से बाल विवाह के आंकड़े बताएं तथा यह बताया कि देश में बाल विवाह के संबंध में वर्ष 2011 में 113 , 2012 में 169 तथा 2013 में 222 मामले दर्ज हैं। जबकि वास्तविक रूप से बाल विवाह अधिक संख्या में हो रहे हैं। यह भी कहा कि बाल विवाह के संबंध में संबंधित विभागों को जानकारी देने हेतु लोगों को प्रेरित करने की आवश्यकता है ।
उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सुमन कुमार पिल्लई ने बताया कि बाल विवाह रोकने हेतु शासन के द्वारा बहुत से कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें समाज के सभी वर्ग वर्गों को बाल विवाह रोकने हेतु शिक्षित किया जा रहा है यह भी बताया कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सर्वे कराकर स्कूल छोड़ने वाली बालिकाओं की जानकारी प्राप्त कर उन्हें उन्हें पुनः आगे पढ़ाई जारी रखने हेतु प्रयास किए जा रहे हैं।
पैरा लीगल वालंटियर श्री नंदकिशोर जांगड़े एवं श्रीमती पूनम गहलोत ने भी इस संबंध में अपने विचार रखें एवं सभी पीएलव्ही से निवेदन किया कि इस अभियान को के प्रचार प्रसार में सहयोग करें।
कार्यक्रम का संचालन ममता संस्थान (यूनिसेफ समर्थित) के जिला संयोजक श्री सुनील सेन ने किया। आभार जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती बेला तारकस ने किया कार्यक्रम में समस्त पैरा लीगल वालंटियर उपस्थित थे।