खंडवा(शेख़ आदिल) - दादाजी की नगरी खंडवा में मानवसेवा के लिए समाजसेवी लगातार सक्रिय है। दादाजी की कृपा से ऐसे पीडि़त मानव जो किन्हीं कारणों से अपनों से बिछड़ गए उन्हें मिलवाने का कार्य खंडवा के समाजसेवी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कर रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम हिर्री के निवासी कोदुराम साहू उम्र लगभग 62 वर्ष के वृद्ध का है जो अपने घर से मार्च में अपनी बहन से मिलने के लिए नागपुर गए थे। वापसी में नागपुर से गलत ट्रेन में बैठ गए, दुर्भाग्य से उन्हें किसी ने खंडवा-बुरहानपुर के बीच में ट्रेन से धक्का दे दिया जिसके बाद वे गम्भीर रूप से घायल हो गए और अपना एक हाथ गंवा बैठे, वहीं पैर फैक्चर हो गया।
ऐसी हालात में जीआरपी ने जिला चिकित्सालय में वृद्ध को भर्ती कराया, दुर्घटना के बाद से बुजुर्ग अपनी याददाश्त भी खो चुके थे। जिला अस्पताल में उन्होंने जिंदगी और मौत से लड़ाई में मौत को मात दे दी।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मगर उनकी तकदीर में अभी और भी गम थे मार्च में कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन शुरू हो गया जिसके बाद से वह जिला चिकित्सालय में भर्ती था। वो लोगों से अपनी पुकार लगाते हुए अपने घर भेज दो की गुहार लगाते रहे। परन्तु किसी ने उसकी पुकार नहीं सुनी।
बुजुर्ग ने अपने परिवार से मिलने की आस ही छोड़ दी थी। वहीं परिजनों ने भी पांच माह बीत जाने के बाद उनके मिलने की आस छोड़ दी थी। तीन चार दिनों तक परिजनों ने बुजुर्ग को ढुंढने की भरपूर कोशिश की एवं थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। उन्होंने उनके मिलने की आस छोड़ दी थी।
लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
गत बुधवार समय ने करवट बदली और सिहाड़ा के अमजद खान अपने परिचित से मिलने ट्रामा सेंटर पहुंचे यहाँ उनकी नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने पहली नजर में कोई मजबूर समझकर कुछ पैसे देने चाहे पर उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया और उम्मीद भारी निगाहों से अपने पास जमा पैसे दिखाते हुए बोले ये सब पैसे ले लो पर मुझे मेरे घर भेज दो।
इसके बाद उन्होंने उसे सांत्वना देते हुए पूरी बात सुनी, ओर उनका वीडियो सोशल साइट पर डाला। उसी रात उन्होंने गूगल मैप के जरिये उनके ग्राम का पता किया वहां स्थित दुकानदारों से बुजुर्ग के फोटो वीडियो डाले। जिसे वहीं के एक ग्रामीण ने पहचान लिया और सुबह परिवार वालों से बात करने की बात कही। परिवार वालों को जब कोदूराम के स्वस्थ होने की सूचना मिली तो घर में खुशी का माहौल हो गया। कोदूराम साहू के बेटें पिता से मिलने के लिए विचलित हो गए।