महिलाओं ने निर्जला उपवास रख पति की लंबी उम्र और अच्छे गृहस्थ जीवन कामना की मंदिरों में भगवान शिव की पूजा के करने पहुंची महिलाएं


खंडवा(शेख़ आदिल)- श्रीगणेश चतुर्थी के एक दिन पूर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाले हरतालिका तीज व्रत पर नगर के सभी मंदिरों में एवं घरों में महिलाएं व कुंवारी कन्याओं ने निर्जला रहकर भगवान शिव पार्वती एवं गणेश की पूजा अर्चना कर हरतालिका तीज का उपवास रखा। 


बजरंग चौक स्थित मुनिबाबा मंदिर में भी सैकड़ों महिलाओं ने बालू रेत से बनी भगवान शिव पिंडी का पूजन बिल्व पत्र, धतूरा व सुहाग की सामग्री चढ़ाकर अच्छे गृहस्थ जीवन एवं अपने पति की लंबी उम्र की कामना एवं कुंवारी कन्याओं ने अच्छे पति की कामना की भगवान भोलेनाथ से की। पूजन पश्चात महिलाओं ने पंडित नवीन शर्मा से इस व्रत की कथा सुनी। 


मुनिबाबा मंदिर के ट्रस्टी व समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन जो कुंवारी कन्याएं विधि-विधानपूर्वक और पूर्ण निष्ठा से इस व्रत को करती हैं, वह अपने मन के अनुरूप पति को प्राप्त करती हैं। साथ ही यह पर्व दांपत्य जीवन में खुशी बरकरार रखने व अपने पति की लंबी उम्र की कामना के उद्देश्य से भी मनाया जाता है। 


इस दिन मेहंदी लगाने और झुला-झूलने की प्रथा भी है। वहीं जैन समाज में भी शुक्रवार को रोट तीज पर्व मनाया गया। इस अवसर पर खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में महिलाओं द्वारा उपवास रख मंदिरों में रोट तीज पर्व एवं रवि व्रत की पूजा की गई। 


ओंकारेश्वर में भी हरतालिका पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं व युवतियों ने श्रंगार कर माता पार्वती शिवजी की पूजा अर्चना कर दिनभर बिना पानी चाय निराहार रहकर व्रत रखा। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर एवं श्री ममलेश्वर मंदिर के दर्शन किए। मिट्टी के शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा कर फल फूल मिठाई का भोग लगाया। हरतालिका व्रत की कथा सुनी, रात्रि जागरण कर भजन कीर्तन कर अच्छे सुहाग की कामना और सुहाग की रक्षा, परिवार एवं देश की खुशहाली के लिए माता पार्वती और भोलेनाथ से प्रार्थना की।


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