आजकल नींद न आने की समस्या से कई लोग जूझते नजर आते हैं। अगर आपको भी प्रत्येक दिन काम करने के बाद भी नींद की गोली लेनी पड़ती है तो यह आपके लिए बहुत ज्यादा नुक्सान दायक हो सकता है। कभी-कभार नींद की गोली तभी लें जब आपके डॉक्टर ने इसे लेने की सलाह दी हो।
नींद की गोलियों के दुष्प्रभाव
01- दिन में सुस्ती होना:
कुछ लोगों को इन स्लीपिंग पिल्स को खाने के अगले ही दिन सुस्ती महसूस होती है और कुछ लोगों को उसके भी अगले दिन महसूस होता है।
02- रात में खराब सपने आना :
जालेप्लोन, जोपिक्लोन और जोल्पिडेम आदि ऐसी दवाइयां हैं जिन्हें 2 से 4 हफ़्तों के लिए दिया जाता है। कुछ लोगो में इसकी वजह से बुरे सपने आते हैं।
03- स्लीप एप्निया को बिगाडती हैं :
अगर आपको पहले से स्लीप एप्निया की समस्या है तो ये स्लीपिंग पिल्स इसे और खराब कर देती हैं। स्लीप एप्निया में आपको सोते समय सांस लेने में तकलीफ होती है। इस वजह से आप पूरी नीन्द नहीं ले पाते है और ज्यादातर जगे ही रहते हैं।
04- ड्रग की लत लगना :
अगर आप ज्यादा दिन से इन दवाइयों का इस्तेमाल कर रहें हैं तो आपको इनकी आदत पड़ जायेगी और बिना इनका सेवन किये आपको नींद भी नहीं आएगी।
05- दर्द होना :
मेलैटोनिन आधारित नींद की दवाइयां अनिद्रा को और अधिक बढ़ा देती हैं। इनके सेवन से आपको सिर दर्द, पीठ दर्द या फिर जोड़ों में दर्द आदि महसूस होंगे।
06- मौत भी हो सकती है :
अगर आप स्लीपिंग पिल्स के साथ कोई अन्य दूसरी ड्रग जैसे दर्द निवारक दवाइयां या कफ संम्बंधित दवाइयां आदि लेते हैं तो इससे आपको कई सारी समस्याएं हो सकती है जैसे आप कोमा में जा सकते है या फिर आपको मौत भी हो सकती है।
07- पागलपन बढ़ सकता है :
अगर आप स्लीपिंग पिल्स को तीन महीने से ज्यादा दिन तक इस्तेमाल करते हैं तो आपको दिमाग से जुडी कई समस्याएं हो सकती हैं जैसे आपको एलजीमर डिसीज हो सकती है जिसमे आप चीजों को भूलने लगते हैं।
08- मोर्टेलिटी रिस्क बढ़ जाता है:
साल 2010 में लगभग 6 से 10 प्रतिशत अमेरिकन वयस्कों ने अपनी अनिद्रा की समस्या के लिए स्लीपिंग पिल्स का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि अगर आप साल में इन दवाइयों की 132 खुराक लेते है तो आपके मरने की संभावना उन लोगों की तुलना में 5 गुना ज्यादा होती है जो लोग इन्हें नहीं लेते हैं।
09. दिल के दौरे का खतरा :
डॉक्टरों के मुताबिक नींद की अधिक गोलियों का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा 50 गुना अधिक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने नींद की दवाओं में मौजूद तत्व - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।
10. कैंसर
एक शोध के मुताबिक यह बात भी सामने आई है कि जो लोग रोजाना इसी गोली पर निर्भर रहते हैं, उन्हें कैंसर का भी खतरा होता है। इन गोलियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनका रोजाना सेवन नहीं करना चाहिये, नहीं तो ओवरडोज़ हो जाता है।
11- अनुचित प्रयोग से अन्य नुकसान होना:
-सिरदर्द, चक्कर आना या कमजोरी महसूस करना
-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जठरांत्र) संबंधी समस्याएं, जैसे कि दस्त और मतली
अगर आप स्लीपिंग पिल्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बाहरी काम जैसे गाडी चलाने या कोई मशीनरी काम करने से दूर रहना चाहिए क्योंकि आपकी बॉडी संतुलन में नहीं होती है और आपको खतरा हो सकता है।