काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, क्या है उसका धार्मिक महत्व ?

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (वाराणसी)
* काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी जिले में है
* वाराणसी को काशी के नाम से भी जाना जाता है इसलिए इसे मुख्य तौर पर काशी विश्वनाथ के नाम से जाना जाता है
* काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म में एक विशिष्ट महत्त्व रखता है यह हिंदुओं का एक प्रसिद्ध मंदिर है
* काशी विश्वनाथ मंदिर पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है
* इतिहास में काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण समय 1490 बताया गया
* आज जो मंदिर मौजूद है वह वास्तविक मंदिर नहीं है इसे पुनः निर्माण किया गया है
* औरंगजेब ने इस मंदिर को नष्ट करके यहां मस्जिद बनाने का प्रयास किया था
* 1780 में रानी अहिल्याबाई ने इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराया था
* 1853 में महाराजा रणजीत सिंह ने 1000 किलो का शुद्ध सोना इस मंदिर पर लगाया था
* काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में अपना अहम स्थान रखता है
* मंदिर के ऊपर सोने के छत को लेकर मान्यता है कि अगर उसे देख कर कोई मुराद मांगी जाए तो वह अवश्य पूरी होती है
* मंदिर में स्थित मुख्य देवता का पवित्र लिंग 60 सेमी लंबा है और उसकी परिधि 90 सेमी है जिसे चारों ओर से चांदी से ढका गया है
* ऐसा विश्वास माना जाता है कि यहां के शिवलिंग के दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है
* यह मंदिर साल के 12 महीने खुला रहता है
* यहां होने वाली पांच प्रमुख आरतियों को देखने दुनियाभर के लोग आते हैं
* इस मंदिर में एक कुआं है ऐसा माना जाता है कि जब औरंगजेब द्वारा मंदिर को ध्वस्त करने की खबर लोगों तक पहुंची तो विनाश से शिव की प्रतिमा को बचाने के लिए उसे कुएं में छिपा दिया गया था
* काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दो भागों में है दाहिने भाग में शक्ति के स्वरुप में मां भगवती विराजमान है दूसरी और भगवान शिव वामरूप में
* श्रृंगार के समय सारी मूर्तियां पश्चिम मुखी होती है इस ज्योतिर्लिंग में शिव और शक्ति दोनों एक ही साथ विराजते हैं दुनिया में कहीं ऐसा और देखने को नहीं मिलता
* इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आदि शंकराचार्य, सन्त एकनाथ रामकृष्ण परमहंस, स्‍वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, गोस्‍वामी तुलसीदास सभी का आगमन हुआ हैं
* यहां आप अपनी यात्रा को ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं और पोस्ट द्वारा प्रसाद मांग सकते हैं
* मंदिर में प्रतिदिन 3000 पर्यटक आते हैं कुछ विशेष अवसर पर यह संख्या 1000000 से अधिक तक पहुंच जाता है
* सन 1983 के बाद से मंदिर की व्यवस्था यूपी सरकार के हाथ में है
* 13 दिसंबर 2021 को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही मंदिर परिसर काफी बड़ा कर दिया गया और साथ ही मंदिर को गंगा नदी के साथ ही जोड़ दिया गया
* यहां रेल बस हवाई जहाज टैक्सी आदि से आया जा सकता है

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