10 वर्ष से अधिक कानूनी लडाई के बाद सितंबर 2021 में उच्च न्यायालय जबलपुर ने उक्त मामले में फैसला देते हुए गार्डन की आरक्षित भूमि पर बने सामुदायक भवन को तोड कर वहां गार्डन विकसित करने के आदेश देते हुए जिला कलेक्टर और निगम आयुक्त को हिदायत जारी की के 2 माह में भवन तोडकर वहां गार्डन विकसित किया जाऐ।
कोर्ट के आदेश के परिपालन में सामुदायक भवन को तोडने की कार्यवाही नगर निगम के द्वारा की जा रही है। जिस पर याचिकाकर्ता समाज सेवी एंव कांग्रेस नेत्री प्रीति सिंह राठौर ने हाईकोर्ट और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा है कि उनकी 10 वर्षो की कानूनी लढाई रंग लाई और अब गार्डन की भूमि पर गार्डन विकसित होगा।
उन्होने यह भी बताया कि न्याय के इतिहास में यह फैसला एक नजीर बनकर सामने आया है जो अब नजीर के रूप में अन्य मामलों में सामने आऐगा।
अब कोई भी कॉलोनी में गार्डन के लिए आरक्षित की गई भूमि का दूसरे रूप में इस्तेमाल नही कर पाऐगा और कालोनी के रहवासीयों को शुद्ध वातावरण के लिए गार्डन उपलब्ध होगा।
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