कार्डियक अरेस्ट हो या फिर हार्ट अटैक, दोनों का संबंध हमारे ब्लड सर्कुलेशन से होता है। ब्लड सर्कुलेशन का सीधा असर हमारे दिल पर होता है। ब्लड सर्कुलेशन हार्ट से ही नियंत्रित होता है, जिससे हमारे शरीर की गतिविधियां सही तरीके से चलती हैं रहती हैं और हर अंग ढंग से काम करते हैं।
दरअसल, जब हम बाथरूम की टॉयलेट सीट पर बैठ कर जब ज्यादा प्रेशर डालते हैं तो उसका असर सीधा हमारे ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ता है। इस प्रेशर से दिल की धमनियों पर दबाव बढ़ता है, जो हार्ट अटैक या फिर कार्डियक अरेस्ट की वजह बन जाता है।
कई बार नहाने के दौरान हार्ट अटैक आ जाता है। नहाने को लेकर डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाथरूम जाते ही पहले अपने तलबों पर पानी डालें, इसके बाद धीरे-धीरे शॉवर लें। अगर आपने ऐसा नहीं किया और सीधा सिर पर ठंडा पानी डाला तो इसका गलत असर ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ता है। जिन्हें दिल की बीमारी हो, उन्हें इससे बचना चाहिए। सीधे सिर पर पानी डालने से कई बार व्यक्ति की दिल की धड़कन एकदम से बंद हो जाती है। अगर आप अपने शरीर पर अचानक से गर्म या ठंडा पानी डालते हैं, तो इससे ब्लड सर्कुलेशन पर प्रेशर पड़ता है। लेकिन अगर आप पहले पैरों पर धीरे-धीरे पानी डालते हैं, तो इससे ब्लड सर्कुलेशन पर सीधा असर नहीं पड़ता। इसलिए बाथरूम में इन बातों को ख्याल रखना चाहिए।
● देर तक बाथरूम में बैठना
● शरीर को साफ करने में ज्यादा प्रेशर लगाना
● दोनों पैरों के सहारे ज्यादा देर तक बैठे रहना
● जल्दबाजी में नहाना
● बाथटब में ज्यादा बैठे रहना
इन सब का हार्ट पर असर पड़ता है। यह ब्लड फ्लो को प्रभावित करते हुए धमनियों पर प्रेशर बढ़ा देता है। इससे हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट की परेशानी होती है।