आज हर इंसान किसी ना किसी बीमारी की जकड़ में है। आर्थराइटिस की बीमारी होने पर जोड़ों में दर्द होने लगता है। इस बीमारी में जोड़ो में दर्द के साथ साथ कठोरता भी आ जाती है। आर्थराइटिस गठिया का ही एक रूप होता है। आजकल बहुत सारे लोग अर्थराइटिस की समस्या का का सामना कर रहे है।
अर्थराइटिस की समस्या के कारण :
अधिक शक्कर का सेवन
शुगर से भरपूर चीजें खाने से शरीर में सूजन की समस्या बढ़ सकती है, जो आर्थराइटिस के दर्द को बढ़ाने का काम करेगी। इसलिए चॉकलेट्स, कैंडी, सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए।
डेयरी प्रॉडक्ट्स भी करते हैं नुकसान
कई ऑर्थोपेडिक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि डेयरी प्रॉडक्ट्स के सेवन से आर्थराइटिस के मरीजों में अक्सर समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें सुझाव दिया जाता है कि वे दूध, दही, छाछ और अंडे जैसी हाई प्रोटीन चीजों का सेवन कम करें।
अधिक नमक से समस्या
खाने में तो नमक खाया ही जाता है। लेकिन इसमें भी आप काला नमक या पिंक सॉल्ट का उपयोग करेंगे तो आपको अधिक लाभ होगा।
बेहतर होगा कि आप फास्ट फूड से एकदम दूरी बना लें। क्योंकि फास्ट फूड्स में आमतौर पर नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। जो ना केवल आर्थराइटिस की समस्या को बढ़ाती है बल्कि हमारे रुटीन हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाती है। जैसे, बीपी हाई होना, यूरिन अधिक आना।
सैचुरेटेड फैट से बचें
आर्थराइटिस के मरीजों को मैदा और बटर का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनके सेवन से शरीर में सूजन बढ़ने की दिक्कत हो सकती है।
इसलिए खासतौर पर फास्ट फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, चीज, पाव आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनमें मैदा भी होती है और इन्हें तैयार करने में बटर का उपयोग भी किया जाता है। ये दोनों ही आर्थराइटिस के मरीजों के लिए धीमे जहर की तरह काम करते हैं।
अल्कोहल और धूम्रपान
जिन लोगों को आर्थराइटिस की समस्या होती है, उन्हें एल्कोहॉल के सेवन से अधिक दर्द झेलना पड़ सकता है। क्योंकि एल्कोहल से उन्हें Gout की समस्या हो सकती है। यह भी आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है, जो सामान्य से अधिक दर्दभरा होता है।
ग्लूटन के कारण दर्द
आर्थराइटिस के कुछ मरीजों में ग्लूटन से एलर्जी होने की समस्या भी देखने को मिलती है। अगर किसी को ऐसी समस्या हो तो उन्हें गेहूं की रोटी, ब्रेड जैसी चीजें खाने से बचना चाहिए। इसकी जगह अपने डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दूसरे आटे और फूट्स का उपयोग करना चाहिए।
फ्रैंच फ्राइज
डीप फ्राइड चीजें और खासतौर पर फ्रैंच फ्राइज के सेवन से आर्थराइटिस के मरीजों को दूर रहना चाहिए। क्योंकि ये वेजिटेबल ऑइल में तैयार किए जाते हैं, जिनमें ओमेगा-6 फैटी एसिड होता है।
- साथ ही ये कार्बोहाइड्रेट और सोडियम से रिच होते हैं। ये सभी चीजें मिलकर शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करती हैं। इनसे जोड़ों में दर्द की समस्या अधिक हो सकती है। अगर आपको पोटैटो खाने ही हैं तो बेहतर है कि आप सीजन के दौरान शकरकंद का उपयोग करें।
ठंडी चीजें बढ़ा सकती हैं दर्द
-आमतौर पर बुखार या कफ-कोल्ड में भी ठंडी चीजों का सेवन करने से शरीर में दर्द बढ़ जाता है। अगर आर्थराइटिस के मरीज बहुत ठंडा पानी पीते हैं या आइसक्रीम और दूसरी ठंडी चीजों का सेवन करते हैं तो उन्हें इनके कारण भी अधिक दर्द की समस्या हो सकती है।