भोपाल - भोपाल में निजी अस्पताल बिना मापदंड चल रहे हैं। नर्सिंग होम्स एक्ट में तय प्रविधान के अनुसार कहीं डॉक्टर नहीं हैं तो कहीं नर्स व अन्य स्टाफ नहीं हैं। इस तरह के नौ निजी अस्पतालों की जांच के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने इन्हें बंद करने को नोटिस थमा दिया है। नोटिस में इनसे एक महीने के भीतर जवाब मांगा गया है।
अस्पतालों में यह मिलीं कमियां
- जिन रेजीडेंट डॉक्टरों के नाम नर्सिंग होम के पंजीयन के दौरान दिए गए थे वह मौके पर नहीं मिले।
- नर्सें भी तय योग्यता के मुताबिक नहीं थीं।
- बायोमेडिकल वेस्ट का ठीक से निपटान नहीं किया जा रहा था।
-दो बिस्तर के बीच जितनी दूरी होनी चाहिए वह नहीं मिली।
- कुछ अस्पतालों में काउंटर पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं की गई गई थी।
- ऐसे अस्पताल भी मिले जहां एक भी मरीज नहीं था।
-कुछ अस्पतालों ने निरीक्षण के दौरान कहा कि डॉक्टर छोड़कर चले गए हैं, इस पर निरीक्षण टीम ने कहा कि इसकी जानकारी सीएमएचओ को क्यों नहीं दी गई।
इन अस्पतालों को बंद करने का दिया नोटिस
-अर्नव अस्पताल, पटेल नगर
- आशा मल्टी स्पेशियलिटी, 80 फीट रोड
-दीपश्री मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल कोल्हूकला, गोविंदपुरा
-मकसूद मेमोरियल अस्पताल, नारियल खेड़ा
-विंध्यश्री अस्पताल, अयोध्या बायपास
-भारती मल्टी केयर अस्पताल, ऐशबाग भोपाल
- ईशु मल्टीस्पेशियलिटी चिकलोद रोड बंगरसिया
रामसन अस्पताल, लांबाखेड़ा बैरसिया रोडा
रामांश अस्पताल, हथाईखेड़ा आनंद नगर