अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की महत्वपूर्ण योजना-खातों में सीधे जमा होगी छात्रवृत्ति....भाजपा जिलाध्यक्ष और अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष ने दी योजना की जानकारी

बुरहानपुर - केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की महत्वपूर्ण योजना लागू की है। जिसके तहत अब अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के सीधे खाते में छात्रवृत्ति जमा होगी ताकि बिचैलिये किसी तरह का लाभ न उठा पाएं।
यह बात भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार से तो समय पर राशि पहुंचती थी, लेकिन किसी न किसी कारण से यह विद्यार्थियों तो या तो देरी से या पहुंचती ही नहीं थी। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने अब विद्यार्थियों के सीधे खाते में राशि जमा करने की योजना बनाई है। 
विद्यार्थियों को अब छात्रवृत्ति की राशि सीधे उनके बैंक खातों डाल दी जाएगी। इससे वह आगे की पढाई कर सकेंगे। यह बहुत बडा तोहफा केंद्र सरकार ने दिया है। 
अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष गोकुल तायडे ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज के छात्रों तक यह योजना पहुंचाई जा रही है। इससे छात्रों में एक अच्छा संदेश जाएगा। पीएम मोदी ने यह निर्णय लेकर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक पहल की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को पांच वर्षों में पांच करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम बड़े और रूपांतरात्मक परिवर्तनों के साथ अनुमोदित की है ताकि वे अपने उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। मंत्रिमंडल ने 59.048 करोड़ रुपए के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है। जिसमें से केंद्र सरकार 35.534 करोड़ रुपए 60 प्रतिशत खर्च करेगी और शेष राशि राज्य सरकारों दवारा खर्च की जाएगी। एससी जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एससी छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार का सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है। केंद्र सरकार इन प्रयासों को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रिमंडल ने इस स्कीम के उपयुक्त कार्यान्वयन पर अधिक जोर दिया है ताकि समय पर भुगतान किया जा सके। व्यापक जवाबदेही निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मंत्रिमंडल ने यह किए मुख्य संशोधन -
-गरीब से गरीब परिवारों के 10वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अपनी इच्छानुसार उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों में नामित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। अनुमान है कि 1.36 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र जो वर्तमान में 10वीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकते हैं उनको अगले पांच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।
-इस स्कीम के तहत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार सबल भुगतान प्रणाली को प्रयोग में लाकर किया जाएगा। वर्ष 2021-22 से प्रारंभ करते हुए इस स्कीम में केंद्र का अंश 60 प्रतिशत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्रों के बैंक खातों में डीबीटी मोड के माध्यम में सीधे जारी किया जाएगा। 
इस दौरान अजा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष ईश्वर चौहान, अशोक कुरील आदि मौजूद थे।

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