बच्चों को पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने की ठोस व्यवस्था की जाएगी- कलेक्टर वानखेड़े

बाल एवं बंधुआ श्रम पर अब नहीं होगी कोई रियायत– कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के सख्त निर्देश

दतिया जिले में चलेगा विशेष अभियान, दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्यवाही

दतिया @Medicalsansarnews.com>>>>>>>>>>>>>>>>> जिले में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के उद्देश्य से आज गुरुवार को बंधुआ श्रमिक सतर्कता एवं बाल श्रम टास्क फोर्स (DTF) की बैठक न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने की।

बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के संभावित संस्थानों पर होगी छापामार कार्यवाही

बैठक में कलेक्टर वानखडे ने स्पष्ट और सख्त शब्दों में कहा कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी समाज पर कलंक हैं, इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में ईंट भट्टों, होटल, ढाबों, कार्यशालाओं और निर्माण स्थलों पर विशेष अभियान चलाया जाए। जहां भी बाल श्रमिक या बंधुआ मजदूर पाए जाएं, वहां तुरंत छापामार कार्रवाई कर संबंधित के विरुद्ध कानूनी और आर्थिक दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

विभागों के साथ ही सीडब्ल्यूसी को भी जिम्मेदारी सौंपी

कलेक्टर ने कहा कि आगामी एक माह के भीतर अधिकतम कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जिले में बाल एवं बंधुआ श्रम पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति (CWC)  को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करें, वहां बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई की स्थिति, मिड-डे मील और संभावित बाल श्रम की जानकारी जुटाएं तथा प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

30 दिन तक अनुपस्थित छात्रों के अभिभावकों  की होगी काउंसलिंग

उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थी 30 दिनों से अधिक अनुपस्थित हैं, उनके अभिभावकों को बुलाकर काउंसलिंग की जाए, ताकि बच्चे पुनः विद्यालयों से जुड़ सकें। कलेक्टर वानखडे ने कहा कि मोगिया समाज के बच्चों को चिन्हित कर, जिन विद्यालयों में वे अध्ययनरत हैं, उन्हें क्रिकेट किट और खेल सामग्री प्रदान की जाए। यह पहल बच्चों को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास है, जिससे वे बाल श्रम से दूर रहकर उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें, उन्होंने यह भी कहा कि बाल श्रम के प्रकरण मिलने पर केवल जुर्माना लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित बच्चे को पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने की ठोस व्यवस्था की जाएगी।

विभागीय अधिकारी मने जावेंगे जिम्मेदार होगी कार्यवाही

इस दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्थान पर बाल या बंधुआ श्रमिक पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के तहत की गई कार्यवाही की समीक्षा प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को की जावेगी

उन्होंने निर्देश दिए कि इस विषय पर की गई कार्रवाई की समीक्षा प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को की जाएगी, ताकि लगातार निगरानी बनी रहे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर वानखडे ने कहा ,बाल श्रम को समाप्त करना केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी प्रशासनिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा मजदूरी नहीं करेगा " हर बच्चा पढ़ेगा, खेलेगा और आगे बढ़ेगा "यही हमारा संकल्प है।

जिला प्रशासन अब बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य करेगा

बैठक में श्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति (CWC) सदस्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थिति स्पष्ट संदेश गया कि दतिया जिला प्रशासन अब बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य करेगा, और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक में इनकी रही सक्रिय सहभागिता

आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख रूप से अपर कलेक्टर महेन्द्र सिंह कवचे, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व संतोष तिवारी, सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जन सम्पर्क, सदस्य बाल कल्याण समिति व बाल अधिकारों के जानकार रामजीशरण राय, डीटीएफ सदस्य मोहन पटवा, जिला श्रम पदाधिकारी योगेश सिंघल, जिला संयोजक सुश्री गिरिजा साहू, एसडीओपी विनायक शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अरविन्द उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी यूएन मिश्रा, प्रतिनिधि एसजेपीयू भगवत शर्मा  सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित श्रम विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा। 

Swadesh NBO/CSO

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