* डॉक्टरों के अनुसार यदि आप ‘मंकीपॉक्स’ (Monkeypox) से पीड़ित किसी व्यक्ति के साथ रिलेशन बनाते हैं तो आपके भी इस बीमारी से संक्रमित हो जाने की बहुत ज्यादा आशंका है.
* बता दें यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अमेरिका में भी मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आ गया है.
* विश्व के कई देशों में इस बीमारी के मरीज सामने आए हैं.वर्तमान में मंकीपॉक्स के केसों की पुष्टि अमेरिका, ब्रिटेन पुर्तगाल और स्पेन में हो चुकी है.
● तेजी से फैलने का कारण ?
* वायरस के तेजी से फैलने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि कोविड गाइडलाइंस हटने के बाद लोग लापरवाही से इधर-उधर घूम रहे हैं.
* बता दें इंसानों के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने के मामले इतने मामले आने के बाद भी दुर्लभ माने जाते हैं.
* मंकीपॉक्स के जो मामले सामने आए हैं, उनका संबंध अफ्रीकी महाद्वीप की यात्रा या आयातित जानवरों के संपर्क से जरूर मिले हैं.
● मंकीपॉक्स वायरस क्या है ?
* यह रोग मंकीपॉक्स नामक विषाणु से फैलता है. इसका संक्रमण कुछ हद तक मनुष्यों में चेचक के समान है.
* मंकीपॉक्स की खोज साल 1958 में बंदरों के एक समूह से हुई थी, जिसके कारण इसे मंकीपॉक्स नाम दिया गया था.
* मंकीपॉक्स वायरस की उत्पत्ति पश्चिम एवं मध्य अफ्रीका के देशों में हुई थी.
* इस इलाकों में लोग हमेशा जंगली जानवरों के संपर्क में आते रहते हैं. इस दौरान जानवरों के काटने, खरोंचने और जंगली जानवरों के मांस (Bushmeat) को खाने के वजह से यह बीमारी इंसानों में प्रवेश कर जाती है.
● क्या है मंकीपॉक्स बीमारी का लक्षण
* यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, बीमारी अक्सर फ्लू जैसे लक्षणों जैसे बुखार, मांसपेशियों में दर्द एवं सूजन लिम्फ नोड्स से शुरू होती है. इससे पहले चेहरे एवं शरीर पर चिकन पॉक्स जैसे दाने हो जाते हैं
* सीडीसी के अनुसार यह रोग किसी संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ या घावों या फिर शेयर किए गए वस्तु के संपर्क में आने से फैल सकता है.
* संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहने से हवा के माध्यम से भी मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण फैल सकता है.
* सीडीसी के मुताबिक, इंसानों से इंसानों में मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण लंबे समय तक आमने-सामने रहने पर भी फैल सकता है.
● इस वायरस से कैसे बचें ?
* यदि किसी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसके संपर्क में न आएं. साथ ही उसके उपयोग किए गए किसी भी समान का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए.
* इसके अतिरिक्त ऐसे किसी भी केस की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग से तुरंत संपर्क करें.
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