गोवर्धन पूजा का क्या महत्व है ?


गोवर्धन पूजा

* गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म का एक त्यौहार है
* दीपावली की अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है
* लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं
* इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्‍ण को उनका भोग लगाया जाता है इन पकवानों को 'अन्‍नकूट' कहा जाता है
* इस त्यौहार का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है
* इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है
* गोवर्धन पूजा कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है
* इस पर्व की अपनी मान्यता और लोककथा है
* गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है
* शास्त्रों में बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा
* गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है
* देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं
* इनका बछड़ा खेतों में अनाज उगाता है इस तरह गौ सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है
* गौ के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन की पूजा की जाती है और इसके प्रतीक के रूप में गाय की
* जब कृष्ण ने ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उँगली (कनिष्ठा) पर उठाकर रखा और गोप-गोपिकाएँ उसकी छाया में सुखपूर्वक रहे
* सातवें दिन भगवान ने गोवर्धन को नीचे रखा और हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी तभी से यह उत्सव अन्नकूट के नाम से मनाया जाने लगा

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