रामविलास पासवान
● लोकजन शक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगरिया जिले में एक दलित परिवार में हुआ था।
● पासवान ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी से एमए तथा पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी पास की थी।
● 1969 में पहली बार पासवान बिहार के राज्यसभा चुनावों में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के रूप निर्वाचित हुए।
● 1977 में छठी लोकसभा में पासवान जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए।
● 1982 में हुए लोकसभा चुनाव पासवान दूसरी बार विजयी रहे।
● 1983 में उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए दलित सेना का गठन किया।
● 1989 में नवीं लोकसभा में तीसरी बार लोकसभा में चुने गए। 1996 में दसवीं लोकसभा में वे निर्वाचित हुए।
● 2000 में पासवान ने जनता दल यूनाइटेड से अलग होकर लोकजनशक्ति पार्टी का गठन किया।
● बारहवीं, तेरहवीं और चौदहवीं लोकसभा में भी वे विजयी रहे।
● अगस्त 2010 में बिहार राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए और कार्मिक तथा पेंशन मामले और ग्रामीण विकास समिति के सदस्य बनाए गए।
● 2019 में लोकसभा चुनावों से पहले रामविलास पासवान ने अपने बेटे चिराग पासवान को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया था।
● 1977 में पासवान ने हाजीपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को सवा चार लाख को शिकस्त दी थी. इस जीत ने उनकी शख्सियत राष्ट्रीय नेता के रूप में कर दी और वे दलितों के आइकन बन गए.
● देश की आजादी से लगभग एक साल पहले 5 जुलाई 1946 को पैदा हुए रामविलास पासवान का निधन पिछले साल 8 अक्टूबर 2020 को हुआ था.
● रामविलास पासवान ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था, "मैं उस इलाके में पैदा हुआ जहां प्राइमरी स्कूल नहीं था, स्कूल तक जाने के लिए 3 किलोमीटर चलकर जगमोहरा जाना पड़ता था. मिडिल स्कूल भी 3 किमी दूर था. इसके बाद जब आठवीं में पढ़ने आया तो 2 नदियां रोज पार करनी पड़ती थीं "
● 50 साल के राजनीतिक जीवन में केवल 1984 और 2009 में उन्हें हार झेलनी पड़ी.
● इन्हें राजनीति के मौसम विज्ञानी भी कहा जाता था, इन्होंने देश के कई शीर्ष पदों पर काम किया. केंद्रीय मंत्री बने.
● उनकी खुद को गठबंधन राजनीति में फिट बिठाने की क्षमता इतनी जबर्दस्त थी कि विश्वनाथ प्रताप सिंह से लेकर, एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी की सरकार में वह मंत्री बनते रहे.
● जेपी के नामी शिष्यों की मंडली लालू यादव, नीतीश कुमार, सुशील मोदी और खुद वे में पासवान सबसे सीनियर थे.
Tags
व्यक्ति विशेष