जी-7 क्या है ? इसमें कौन कौन से देश शामिल है ? जी - 7 के सामने क्या चुनोतियाँ हैं ?

* जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी कथित विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है
* इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं
* इसे ग्रुप ऑफ़ सेवन भी कहते हैं
* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को G-7 में शामिल करना चाहते हैं
* इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को शामिल होने के बाद इसके G-11 होने आसार हैं
* समूह खुद को "कम्यूनिटी ऑफ़ वैल्यूज" यानी मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मानता है
* स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और क़ानून का शासन और समृद्धि और सतत विकास, इसके प्रमुख सिद्धांत हैं
* दुनिया की कुल आबादी का जहां 10वां हिस्‍सा इन देशों में है, वहीं वैश्विक जीडीपी में इन देशों की 40 प्रतिशत भागीदारी है
* शुरुआत में यह छह देशों का समूह था, जिसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी इस बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट के संभावित समाधानों पर विचार किया गया था
* अगले साल यानि 1976 में कनाडा इस समूह में शामिल हो गया और इस तरह यह जी-7 बन गया
* जी-7 देशों के मंत्री और नौकरशाह आपसी हितों के मामलों पर चर्चा करने के लिए हर साल मिलते हैं
* प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से इस समूह की अध्यक्षता करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है
* यह प्रक्रिया एक चक्र में चलती है ऊर्जा नीति, जलवायु परिवर्तन, एचआईवी-एड्स और वैश्विक सुरक्षा जैसे कुछ विषय हैं, जिन पर पिछले शिखर सम्मेलनों में चर्चाएं हुई थीं
* शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है
* सम्मलेन में भाग लेने वाले लोगों में जी-7 देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपीयन कमीशन और यूरोपीयन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते है
* शिखर सम्मेलन में अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है
* हर साल शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़ बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन होते हैं पर्यावरण कार्यकर्ताओं से लेकर पूंजीवाद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले संगठन इन विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होते हैं
* जी-7 की आलोचना यह कह कर की जाती है कि यह कभी भी प्रभावी संगठन नहीं रहा है, हालांकि समूह कई सफलताओं का दावा करता है, जिनमें एड्स, टीबी और मलेरिया से लड़ने के लिए वैश्विक फंड की शुरुआत करना भी है
* समूह का दावा है कि इसने साल 2002 के बाद से अब तक 2.7 करोड़ लोगों की जान बचाई है
* समूह यह भी दावा करता है कि 2016 के पेरिस जलवायु समझौते को लागू करने के पीछे इसकी भूमिका है, हालांकि अमरीका ने इस समझौते से अलग हो जाने की बात कही है
* चीन दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवथा है, फिर भी वो इस समूह का हिस्सा नहीं है इसकी वजह यह है कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रहती हैं और प्रति व्यक्ति आय संपत्ति जी-7 समूह देशों के मुक़ाबले बहुत कम है
* ऐसे में चीन को उन्नत या विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है, जिसकी वजह से यह समूह में शामिल नहीं है हालांकि चीन जी-20 देशों के समूह का हिस्सा है, इस समूह में शामिल होकर वह अपने यहां शंघाई जैसे आधुनिकतम शहरों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहा है
* साल 1998 में इस समूह में रूस भी शामिल हो गया था और यह जी-7 से जी-8 बन गया था लेकिन साल 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया हड़प लेने के बाद रूस को समूह से निलंबित कर दिया गया था
* अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का मानना है कि रूस को समूह में फिर से शामिल किया जाना चाहिए "क्योंकि वार्ता की मेज पर हमारे साथ रूस होना चाहिए."

 जी-7 के सामने चुनौतियां

* जी-7 समूह देशों के बीच कई असहमतियां भी हैं कनाडा में हुए शिखर सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का अन्य सदस्य देशों के साथ मतभेद हो गया था
* राष्ट्रपति ट्रंप के आरोप थे कि दूसरे देश अमरीका पर भारी आयात शुल्क लगा रहे हैं पर्यावरण के मुद्दे पर भी उनका सदस्य देशों के साथ मतभेद था
* समूह की आलोचना इस बात के लिए भी की जाती है कि इसमें मौजूदा वैश्विक राजनीति और आर्थिक मुद्दों पर बात नहीं होती है
* अफ्रीका, लैटिन अमरीका और दक्षिणी गोलार्ध का कोई भी देश इस समूह का हिस्सा नहीं है
* भारत और ब्राज़ील जैसी तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं से इस समूह को चुनौती मिल रही है जो जी-20 समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन जी-7 का हिस्सा नहीं हैं
* कुछ वैश्विक अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जी-20 के कुछ देश 2050 तक जी-7 के कुछ सदस्य देशों को पीछे छोड़ देंगे

जी-7 में शामिल देशों में क्या है खास

* जी-7 में जो देश शामिल हैं, वे कई मामलों में दुनिया में शीर्ष स्थान पर कायम हैं ऐसी कुछ चीजों के बारे में हम यहां बता रहे हैं - 
> ये देश दुनिया में सबसे बड़े निर्यातक हैं
> इन देशों के पास सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व है
> ये देश यूएन के बजट में सबसे ज्यादा योगदान देते हैं
> ये सभी सात देश दुनिया में सबसे बड़े स्तर पर परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करते हैं

जी-7 में और किन संस्थाओं को बुलाया जाता है?

* जी-7 बनने के बाद इसके शुरुआती दौर में इसमें शामिल सात देश ही इसके सम्मेलनों में भाग लेते थे लेकिन 1990 के दशक के अंतिम दौर में एक नई परंपरा शुरू हुई
* जी-7 के सम्मेलनों में कई अन्य संस्थाओं को भी बुलाया जाने लगा जिन संस्थाओं को इसके सम्मेलनों में बुलाया जाता है, वे हैं-
> अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
> विश्व बैंक
> अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी
> वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन
> यूनाइटेड नेशंस
> अफ्रीकन यूनियन
* इसके अलावा जी-7 के सम्मेलनों में समय-समय पर अन्य देशों को भी आमंत्रित किया जाता रहा है ऐसे देश जो आर्थिक रूप से प्रगति कर रहे हों भारत भी इस सम्मेलन का हिस्सा रह चुका है

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