क्या आप ह्रदय रोग से बचना चाहते हैं ? तो दिल को सेहतमंद रखेंगे ये 15 उपाय


ह्दय रोगियों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है इसका सबसे बड़ा कारण है खराब दिनचर्या। सेहतमंद जिंदगी के लिए दिनचर्या का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। हममें से अधिकतर लोग ऐसे है, जिनकी रोजमर्रा की जीवन शैली बेहद सुस्त है। जो दिल की बीमारी का एक मुख्य कारण है। यदि ह्दय अच्छा रखना है, तंदरूस्त रहना है, तो अपने आहार में, अपनी दिनचर्या में, सही बदलाव करना जरूरी है। दिल को सेहतमंद रखने के लिए हम आपको इस लेख में कुछ टिप्स बता रहे है जिन्हें अपनाकर आप रह सकते है सेहतमंद..


 


01. बैलेंस्ड डाइट पर ध्यान दें -


सही और पोष्टिक आहार आपके शरीर को सही पोषण देता है। जंक फूड में फैट, नमक और चीनी बहुत ज्यादा मात्रा में पाई जाती  है, जो समय के साथ-साथ हमारे दिल पर भी असर डालती है। अधिकतर लोग प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, क्योंकि उन्हें यह बहुत आसान लगता है, लेकिन यह भोजन आपकी सेहत के लिए घातक होता है।  हमारे आहार में पर्याप्त मात्रा में कैलोरीज, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल का होना जरूरी है।



02. नियमित एक्सरसाइज -


दिल को सेहतमंद रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आप कार्डियो को व्यायाम के रूप में अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते है। कार्डियो एक्सरसाइज से दिल की पम्प करने की क्षमता बढ़ती है, और दिल की मांसपेशियां तंदुरुस्त बन जाती हैं।


03. तनाव रखें दूर -


आजकल ज्यादातर  लोग अपने काम को लेकर तनाव में रहते हैं। जब आपका शरीर तनाव में रहता है, तो इसका सीधा असर हमारे शरीर के अंग पर पड़ता है। ऐसे में शरीर में एड्रिनलिन हॉर्मोन ज्यादा मात्रा में बनने लगता है, अगर ऐसा नियमित रूप से होने लगे तो दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है. 


04. पर्याप्त नींद लें -


समय की कमी के कारण बहुत से लोग अपनी नींद को कम कर काम करने लगते हैं और अपनी नींद पूरी नहीं करते हैं। जिसका  असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। ध्यान रहें 7-8 घंटे से कम नींद लेने से दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए पर्याप्त नींद जरूर लें। 



05. फाइबर युक्त भोजन लें -


अपने दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए अपनी डाइट में फाइबर युक्त आनाज को शामिल करें। जैसे औट्स, ब्राउन राइस, बाजरा आदि


06. कम वसायुक्त डेयरी उत्पाद को अपनी डाइट में शामिल करें। जैसे दूध, दही


07. फ़लों का इस्तेमाल -


अपने आहार में फलों को शामिल करें। फलों में मौजूद तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है। रोजाना 1 से 2 फल जरूर खाएं।


08. बी पी और कॉलेस्ट्रोल नियंत्रित रखें-


जितना ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर होगा उतना ज्यादा ही आपकी सेहत पर असर पड़ेगा। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर होता है। उनमें स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें।



09. शराब और धूम्रपान से रहें दूर -


अत्यधिक शराब पीने और धूम्रपान से ह्दय की मांसपेशिया खराब होने लगती है। शराब के सेवन से हार्ट संबधी बीमारियों का जोखिम भी बहुत अधिक रहता है। इसलिए शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं।



10. नियमित जांच करायें -


नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य की जांच करवाते रहे ताकि आप दिल की बीमारियों के खतरे से दूर रह सकें। यदि आप समय-समय पर जांच करवाते रहेंगे तो आपको समस्या का पता रहेगा और आप समय पर उचित ईलाज लें सकते है।


11. लहसुन का इस्तेमाल करें -


आप सुबह की शुरूआत भी लहसुन की एक कली के साथ कर सकते है। लहसुन में एंटीबैक्टीरियल और एंटी ऑक्सिडेंट तत्व होते हैं जो ब्लड प्रेशर को संतुलित करते हैं। कहते हैं एक लहसुन की कली रोज कच्चा खाने से दिल की बीमारी कभी नही होती।



12. नींबू का करें इस्तेमाल -


नींबू को अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें विटामिन-सी काफी मात्रा में पाया जाता है, जो रक्तचाप को कम करने में मददगार होता है। साथ ही कॉलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक होता है।


13. वज़न को नियंत्रित रखें -


दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है। अधिक वजन आपकी ह्दय की धमनियों पर दबाव डालता है और इस वजह से ह्दय को कार्य करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) पर भी नजर रखें और इसे उचित स्तर तक बनाए रखें.


14. भूखे ना रहें -


अगर आप उन लोगों में शुमार है जो सुबह का नाश्ता नहीं करते है, तो ये आदत अब से बदल डालें क्योंकि सुबह का नाश्ता सेहत के लिए बहुत जरूरी है। रोजाना हेल्दी नाश्ता करने से आपका स्वास्थ्य सही रहता है और वजन भी नियंत्रण में रहता है।


15. संगीत,खेल या अच्छी पुस्तकें पढ़ने में रूचि लें -


छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेने से आपको स्वस्थ अंगों के साथ एक स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी। दिल के स्वास्थ्य में सुधार के लिए, आपको अधिक बार मुस्कुराना चाहिए, आराम से संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और ऑक्सीजन की अच्छी मात्रा में गहरी साँस लेनी चाहिए।


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नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है, यह किसी इलाज का हिस्सा नहीं है अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.


 


 


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