कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बुजुर्गों की विशेष देखभाल : क्या करें-क्या ना करें
इस समय बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जरूरत है।
बुजुर्गों और पहले से बीमार चल रहे लोगों में कोरोना होने पर खतरा ज्यादा है।
अधिकतर बुजुर्ग डिप्रेशन, आर्थराइटिस,ह्रदय रोग, डायबिटीज एवं आंख संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हैं और महीने में औसतन 10-15 दिन बीमार रहते हैं।
ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तरफ से बुजुर्गों के लिए अडवाइजरी जारी की गई है।
इस गाइडलाइन का पालन कर बुजुर्गों को कोरोना के संक्रमण से बचाकर रखा जा सकता है।
एडवाइजरी में बताया गया है कि 2011 के जनगणना के मुताबिक देश में करीब 16 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं। इसमें से 8.8 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 60-69 साल के बीच है, जबकि 70-79 साल के बीच की आयु के देश में 6.4 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं।
ऐसे में इन सबको अपना खास ख्याल रखने को कहा गया है। जानते हैं कि सरकार ने इन्हें क्या करने और क्या न करने के लिए कहा है:
- क्या करें --
हमेशा घर के अंदर रहने की कोशिश करें। बाहर के लोगों से न मिलें।
- अगर मिलना बहुत ज़रूरी हो, तो एक मीटर का फांसला बनाकर रखें।
- घर के अंदर योग और व्यायाम करते रहें।
- खाना खाने से पहले और वॉशरूम का इस्तेमाल करने के बाद हाथ जरूर धोएं।
- कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को साबुन से मलें।
- घर का बना पौष्टिक भोजन लें और इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए ताजा जूस लें
- नाक-मुंह को ढककर रखे, दवा नियमित लें।
- क्या ना करें -
- ऐसे लोगों के संपर्क में न आएं, जिसमें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिख रहे हों।
- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाना चाहिए।
- छींक या खांस रहे लोगों से दूरी बनाकर रहें।
- आंख, नाक और चेहरे को नहीं छूना चाहिए।
- चेकअप के लिए अस्पताल जाने से बचें। अपने डॉक्टर से फोन के जरिए संपर्क में रहें।
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